गन्नौर। बड़ी इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने मंगलवार को एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक यश गर्ग को ज्ञापन सौंपा है। उद्यमियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत ढांचे की कमियों, प्रशासनिक अनियमितताओं और संचालन संबंधी समस्याएं हैं। इन्हें प्राथमिकता से हल किया जाना चाहिए।
बड़ी इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित जैन ने बताया कि कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट में तकनीकी खामियों के कारण उद्योगों को पर्यावरणीय जोखिम उठाना पड़ रहा है। मामला एनजीटी में विचाराधीन है।
एसोसिएशन ने सीईटीपी का तकनीकी आडिट, क्षमता आकलन, समयबद्ध सुधार योजना और पारदर्शी अनुपालन रिपोर्टिंग की मांग की है। टेक्सटाइल पार्क में डाइंग इकाइयों की अधिकता को देखते हुए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट की स्थापना, भूमि आवंटन व डीपीआर तैयार कराने की भी मांग रखी गई।
इसके अलावा बिजली ढांचे की कमजोरी, रखरखाव व विकास कार्यों के बिल एसोसिएशन सत्यापन बिना पारित करने, टेंडर बिना स्वीकृति जारी करने, कोटेशन आधार पर कार्य कराने, मेंटेनेंस विभाग के गैर-जवाबदेह रवैये, ठोस कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था और स्थानीय कार्यालय में देरी व समन्वय की कमी जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
इस मौके पर महासचिव वीरेंद्र जैन, उपाध्यक्ष नरेंद्र नंदा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।