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रात में रुक-रुककर बरसते रहे मेघा, दिन में धूप खिलने से फिर बढ़ी गर्मी

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बारिश के बीच छाता लेकर जाता युवक। संवाद - फोटो : Sonipat
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मौसम में आए परिवर्तन से शनिवार रात भर रुक-रुककर मेघा बरसते रहे। बारिश का सिलसिला रविवार सुबह करीब 9 तक जारी रहा। रात को जिले के अधिकतर क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। बारिश से सड़कों व गलियों में जलभराव की स्थिति बनी रही और तापमान में भी गिरावट आई। जिससे लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रह सकी। रविवार को दिन में तेज धूप खिलने से लोगों को फिर से गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार को भी मौसम साफ रहेगा, लेकिन मंगलवार से सप्ताह के अंत में अच्छी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
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जिले में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। हालांकि उसके बाद कई बार आसमान पर बादल तो छाए, लेकिन बिना बरसे ही निकल गए। शनिवार सुबह मौसम पूरी तरह से साफ बना रहा, लेकिन दोपहर होते ही मौसम में बदलाव आया और आसमान घने काले बादलों से घिर गया और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई थी। देर शाम तक बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। देर रात को विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी बरसात हुई। जिले में औसतन 18.33 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिससे तापमान में भी गिरावट आई। हालांकि रविवार को दिन में धूप खिलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है। जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
खानपुर कलां में सबसे अधिक तो खरखौदा में हुई सबसे कम बारिश
देर रात शुरू हुआ रुक-रुककर बारिश का सिलसिला रविवार सुबह 9 बजे तक जारी रहा। इस दौरान खानपुर कलां में सबसे अधिक 28 एमएम तो खरखौदा क्षेत्र में सबसे कम 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। दिन में गोहाना को छोड़ सभी क्षेत्रों में धूप खिली रही। गोहाना में आसमान पर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबादी होती रही। गोहाना में सुबह 8 बजे तक जहां 24 एमएम बारिश हुई तो वहीं सुबह 8 से शाम 7 बजे तक यहां 3 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में रात भर हुई बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर काफी कम हुआ है। सोनीपत शहर में वायु गुणवत्ता का स्तर 42 दर्ज किया गया। वहीं जीटी रोड पर मुरथल के पास वायु गुणवत्ता का स्तर 56 बना रहा।
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खिले किसानों के चेहरे, फसलों को हुआ लाभ
बारिश से खरीफ सीजन की फसलों को लाभ हुआ है। सबसे अधिक लाभ हरे चारे की फसलों को हुआ है। बारिश के बाद हरे चारे की फसलें बढ़ेगी। वहीं दूसरी तरफ धान की रोपाई प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। कृषि विभाग ने जिले में 90 हजार हैक्टेयर भूमि में धान की रोपाई करने का लक्ष्य रखा है। अब तक 30 हजार हैक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की रोपाई की जा चुकी है। किसानोें का कहना है कि बारिश से सिंचाई का खर्च कम हुआ है।
कहां कितनी हुई बारिश
ब्लॉक बारिश
सोनीपत 13 एमएम
गन्नौर 20 एमएम
गोहाना 27 एमएम
खरखौदा 10 एमएम
खानपुर कलां 28 एमएम
राई 12 एमएम
सोनीपत में शनिवार को रात भर रुक-रुककर बारिश होती रही। जिसका असर रविवार सुबह तक दिखाई दिया। सोमवार को मौसम साफ रहेगा और धूम खिली रहेगी। मंगलवार से सप्ताह के अंत तक अच्छी बारिश होने के आसार बने हुए हैं। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट आएगी।
डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
शनिवार को जिले में रात भर बारिश होती रही। इससे खरीफ सीजन की फसलों को काफी लाभ पहुंचा है। कृषि विभाग की तरफ से कपास उत्पादक किसानों को खेत में पानी जमा न होने देने की एडवायजरी जारी की गई है। इस बारिश से धान उत्पादक किसानों का सिंचाई का खर्च बचेगा।
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डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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