सोनीपत। नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से नाराज मेयर निखिल मदान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। वहीं, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, निदेशक और अपर सचिव को भी इसकी कॉपी भेजी है।
मेयर शहर में बारिश के दौरान पानी निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर नाराज हैं। मेयर ने बताया कि हाउस की बैठकों में प्रस्ताव पारित होने के बाद भी अधिकारी एजेंसियों के खिलाफ सख्ती नहीं दिखा रहे। जिसका असर शहर की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। निगम अधिकारियों का उदासीन रवैया क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है। कई माह पहले मेयर और पार्षदों की तरफ से दी गई विकास कार्यों की सूची जस की तस पड़ी है। मेयर ने अधिकारियों के तबादले और विभिन्न मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शहर में नालों की सफाई और निर्माण कार्य में अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। मानसून से पहले लगातार निर्देश देने के बावजूद अधिकारियों ने इस विषय पर कोई काम नहीं किया। जिसके चलते रविवार को हुई मानसून की पहली बारिश में शहर के लोगों को जल भराव की समस्या झेलनी पड़ी। सबसे अधिक जल भराव वाले क्षेत्रों में स्टॉर्म वाटर लाइन डालने के कार्य को पूरा नहीं किया गया। शहर के बीचोंबीच से गुजर रही ड्रेन-6 को ढकने का कार्य कई वर्षों से लंबित है, जिसके चलते ड्रेन के साथ लगती कालोनियों में दूषित जल भराव की समस्या पैदा हो रही है, लेकिन नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से कार्य गति नहीं पकड़ रहा है।
एजेंसियों पर अधिकारियों का कंट्रोल नहीं
मेयर ने पत्र के माध्यम से आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठान का कार्य कर रही एजेंसियों पर कोई कंट्रोल नहीं है। जिसके चलते शहर में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। हर माह करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद शहर की हालत दयनीय है।