फोटो 24- सोनीपत के सिद्धपीठ प्राचीन श्री चंडी मां महाकाली मंदिर में चिटाने वाली व महाकाली माता
सोनीपत। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की गई। पांडव नगरी में नवरात्र उत्सव पर श्रद्धा व भक्ति का अनूठा संगम रहा। सिद्धपीठ प्राचीन श्री चंडी मां महाकाली मंदिर में सुबह चिटाने वाली माता अपनी बहन श्री चंडी मां महाकाली से मिलने पहुंची। दोनों माताओं के अनूठे मिलन के बाद कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में दो दिवसीय सप्तमी का मेला लगाया गया।
मेले में प्रदेश के अलावा मद्रास व मुंबई से श्रद्धालु पहुंचे। मेले में 12 तरह के भंडारे लगाए। देर रात माता रानी की महाआरती की गई। इससे पहले श्रद्धालु सुबह माता रानी को बड़ा बाजार स्थित मंदिर से रामलीला मैदान लेकर पहुंचे। पंडित अमित शौनक ने बताया कि छठ की कढ़ाई करने के बाद रामलीला मैदान में सप्तमी का मेला लगाया जाता है।
यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। मंगलवार सुबह 10 बजे माता रानी रामलीला ग्राउंड से रथ पर सवार होकर मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी। माता रानी के भवन में विराजमान होने के बाद मेला संपन्न होगा। प्रधान सेवक देवेंद्र कुच्छल ने बताया कि महाकाली मंदिर में 30 सितंबर को अष्टमी की कढ़ाई की जाएगी।
सुबह 11 बजे आरती के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा। मेले में प्रधान महेश गोयल, दीपांशु जैन, नरेश गोयल, रवि बत्तरा, विपिन कुच्छल, नरेंद्र सिंह राठौड़, राकेश गर्ग, सुभाष बंसल, सचिन कुच्छल, नरेश शर्मा, सतीश, अंकुश कुच्छल, विक्रांत मंगला मौजूद रहे।