सोनीपत। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिला लेने में कई निजी स्कूल आनाकानी कर रहे हैं। अपने बच्चों का दाखिला करने के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। बुधवार को मॉडल टाउन पहुंचे अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपने बच्चों का दाखिला इस नियम के तहत निजी स्कूलों में करवाने की मांग की है।
छात्र अभिभावक संघ की अध्यक्ष प्रवेश कुमारी के नेतृत्व में मॉडल टाउन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विभाग की तरफ से किसी प्रकार के सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे। यही नहीं आरटीई व चिराग योजना के तहत वह किन स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवा सकते हैं, इसकी सूची भी सार्वजनिक नहीं की। दाखिले को लेकर किसी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की। जिस कारण अभिभावक निजी स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि उनके बच्चों के दाखिले निजी स्कूलों में करवाए जाएं और दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रवेश कुमारी ने कहा अगर निजी स्कूल नियम के तहत पात्र विद्यार्थियों के दाखिले में बाधा बनते हैं तो अभिभावक संघ की तरफ से आंदोलन किया जाएगा। शिक्षा के अधिकार से किसी को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
यह है नियम
शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि आरटीई के तहत अभिभावक अपने बच्चों का पहली या इससे नीचे की कक्षाओं में दाखिला करवा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित हैं। अभिभावक अपने घर से एक किलोमीटर की सराउंडिंग दूरी में आने वाले निजी स्कूलों में ही आवेदन कर सकते हैं। बशर्ते इस दूरी में कोई राजकीय स्कूल ना हो। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें निर्धारित हैं।
यह दस्तावेज जरूरी
- आय प्रमाण पत्र (परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए)
- परिवार पहचान पत्र
- बीपीएल कार्ड है तो उसकी फोटोप्रति
- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र व फोटो
- परिजन का मोबाइल नंबर
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चली हुई है। अभिभावक किसी भी सीएचसी सेंटर पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उसकी कॉपी संबंधित स्कूल में जमा करवानी होगी। अगर कोई निजी स्कूल आनाकानी करता है तो अभिभावक लिखित शिकायतें दें। संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों की सहायता के लिए बीईओ कार्यालय में हेल्प डेस्क भी बनाया गया है। इससे संबंधित कोई भी जानकारी ले सकते हैं।
- जितेंद्र छिक्कारा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत