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Sonipat News: गुणवत्ता के पैमाने पर खरी नहीं उतरी मेडेन फार्मा, कंपनी निदेशक और तकनीकी निदेशक को ढाई साल कैद

Sat, 25 Feb 2023 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड, कुंडली के निदेशक और तकनीकी निदेशक को निम्न स्तर की रैनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट बीपी (मांटेक-150) की गुणवत्ता में कमी के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को ढाई-ढाई साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर चार-चार माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) नॉर्थ जोन, गाजियाबाद के तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर दिनेश कुमार और सोनीपत के तत्कालीन ड्रग कंट्रोल अधिकारी प्रवीण कुमार ने 13 मार्च 2014 को कुंडली में मेडेन फार्मा के परिसर का दौरा किया था। उन्होंने कंपनी के फिनिश्ड गुड्स स्टोर से रेनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट बीपी (मांटेक-150) के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। रीजनल ड्रग्स टेस्टिंग लेबोरेटरी चंडीगढ़ में यह नमूने जांचे गए।
अदालत को बताया गया कि 8 अगस्त, 2014 को आरडीटीएल की रिपोर्ट में नमूना औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 में परिभाषित मानक गुणवत्ता का नहीं थे, नमूने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) द्वारा भेजे गए पत्रों में दिए मानदंड अनुसार दावे के अनुरूप नहीं है। ऐसे में फर्म के निदेशक नरेश कुमार गोयल और तकनीकी निदेशक एमके शर्मा के खिलाफ उक्त अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सुनवाई शुरू की गई। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.संजीव आर्य की अदालत ने नरेश कुमार गोयल और एमके शर्मा को निम्न स्तर रेनिटिडिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट बीपी (मांटेक-150) के मामले में दोषी ठहराया है। 22 जुलाई को आरोपियों को सजा सुनाई गई।
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गाम्बिया में बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आई थी कंपनी
सोनीपत के कुंडली स्थित मेडेन फार्मा दवा कंपनी एक अन्य मामले में काफी चर्चा में रही है। अफ्रीकी देश गाम्बिया में कथित रूप से 66 बच्चों की मौत के मामले में भी कंपनी का नाम जुड़ा था। निम्न गुणवत्ता की दवा एक्सपोर्ट करने के आरोप में जांच जारी है।
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