गोहाना के भगवान परशुराम आश्रम में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते आजाद हिंद द
गोहाना। सेक्टर-7 स्थित भगवान परशुराम आश्रम में महाराणा प्रताप की 428वीं पुण्यतिथि मनाई गई। श्रद्धांजलि समारोह में मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी रहे। उन्होंने कहा महाराणा प्रताप अपने अदम्य साहस और त्याग के लिए जाने जाते हैं।
दांगी ने कहा कि महाराणा ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने जीवन के सभी सुखों को त्याग दिया। हल्दी घाटी सहित कई लड़ाइयों में मुगलों से संघर्ष किया। श्रद्धांजलि समारोह में सुरेश पवार, मनोज मलिक, शमशेर लठवाल, सुरेश सैनी, बिशन सिंह और दर्शना मौजूद रहे।
समारोह के अध्यक्ष योगाचार्य डॉक्टर सुरेश सैनी ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मृत्यु से पहले अपने बेटे अमर सिंह को अपनी अंतिम इच्छा बताई थी। कहा था कि वह कभी मुगलों के सामने न झुके और चित्तौड़ को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करें।