सोनीपत। श्री रामलीला सभा की ओर से बड़ा हलवाई हट्टा स्थित श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर में रामलीला के 11वें दिन भरत मिलाप के प्रसंग का मंचन किया।
रावण वध के बाद श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण सहित सभी के साथ अयोध्या लौटे। आचार्य सौरभ द्विवेदी के निर्देशन में वृंदावन से आए कलाकारों ने सभी प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया।
मुख्यातिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता मास्टर जयपाल खत्री ने शिरकत की। मंचन के बाद श्रद्धालुओं ने श्रीराम दरबार की आरती उतारी। तत्पश्चात मंदिर परिसर से बैंड-बाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा हलवाई हट्टा, चौड़ा बाजार, मुरथल अड्डा सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई नई अनाज मंडी पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा के दौरान अयोध्या लौट रहे श्रीराम का शहरवासियों ने कई जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया।
कई जगह श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम दरबार की आरती उतारी। नई अनाज मंडी में राज्याभिषेक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यातिथि के रूप में मंडी के प्रधान अजय गोयल व समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया। अनाज मंडी पहुंचने पर कलाकारों ने मंचन से दर्शाया गया कि श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा होने के बाद अयोध्या लौटने पर हर क्षेत्र वासी प्रसन्न था। भगवान श्रीराम ने भरत-शत्रुघ्न को गले लगाया। चारों भाइयों के मिलन को देखकर दर्शकों के आंसू छलक उठे।
तत्पश्चात गुरु वशिष्ठ ने भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक किया। श्रीराम के राज्याभिषेक व उनका संपूर्ण दरबार अलौकिक लग रहा था। कार्यक्रम में महेंद्र मंगला, राजकुमार गोयल, अमित कुच्छल, गजेंद्र मंगला, महेंद्र वर्मा, प्रवीण गोयल, अनिल जैन, रणबीर सिंह खत्री, बीएम कुच्छल व तरुण शर्मा मौजूद रहे। वहीं सेक्टर-12 में श्री रामायण ट्रस्ट की ओर से चल रहे रामलीला मंचन के 12वें दिन भरत मिलाप व श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग की लीला का मंचन किया गया। मंचन की शुरुआत श्री रामायण ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन व पूजा-अर्चना के साथ की। कलाकारों ने दर्शाया कि रावण वध व लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद श्रीराम 14 वर्ष के वनवास की अवधि पूरी कर अयोध्या लौटे। श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ व तीनों राजमाताओं का आशीर्वाद लेकर भरत-शत्रुघ्न को गले लगाया। भरत ने राज सिंहासन पर रखी खड़ाऊ को उठाया। गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम का राज्याभिषेक किया। भगवान श्रीराम के राज सिंहासन पर बैठने के बाद आरती की गई। कार्यक्रम में श्री रामायण ट्रस्ट के संचालक विक्की कौशिक, रामलाल कौशिक, अमित कौशिक, मोहन कौशिक, प्रमोद कौशिक मौजूद रहे।