सोनीपत। लोहड़ी केवल फसल का त्योहार नहीं बल्कि जीवन, प्रकृति और सामूहिक खुशियों का उत्सव है। यह सर्दी के अंत और नए कृषि चक्र की शुरुआत का प्रतीक है। लोहड़ी का पर्व आशा, समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश देता है। यह बात सोमवार को जिला बाल भवन में राज्यस्तर पर आयोजित लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व कार्यक्रम में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कही।
राज्य बाल कल्याण परिषद के इस कार्यक्रम में परिषद के अध्यक्ष एवं राज्यपाल के साथ उनकी पत्नी मित्रा घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने लोहड़ी की पवित्र अग्नि में आहुति डाली। प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल की पत्नी मित्रा घोष ने कहा कि लोहड़ी कृतज्ञता, प्रकृति और लोगों के साथ हमारे गहरे रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोगों के बीच एकता की भावना को उजागर करता है। इसकी पवित्र अग्नि आशा, गर्मजोशी और एकजुटता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने कहा कि लोहड़ी हमारी संस्कृति और परंपराओं की आत्मा है। यह पर्व हमें प्रकृति से जोड़ता है और मेहनतकश लोगों के जीवन में खुशियां भरता है। अग्नि के चारों ओर एकत्रित होकर गीत गाना, मूंगफली, रेवड़ी और गुड़ अर्पित करना हमें अपनी जड़ों से फिर से जोड़ता है।
इस मौके पर विधायक कृष्णा गहलावत, निखिल मदान, उनकी पत्नी निखिता, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली की पत्नी गीता, राज्य बाल कल्याण परिषद की सचिव सुषमा गुप्ता, निवर्तमान मेयर राजीव जैन, उपायुक्त सुशील सारवान, एसडीएम गोहाना अंजलि श्रोत्रिय, एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, नगराधीश डॉ़ अनमोल मौजूद रहे।