कुंडली/खरखौदा। कोरोना संक्रमण फैलने के सबसे अधिक मामले दिल्ली के कारण आने के चलते दिल्ली बॉर्डर पर सख्ती बढ़ने से आए दिन दिल्ली के कर्मी पुलिस से उलझ रहे हैं। यहां तक की झूठ भी बोलकर निकलने का प्रयास करते हैं, लेकिन अनुमति व पहचान पत्र मांगने पर पकड़े जा रहे हैं। जिसके चलते उन्हें वापस भेजा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली से सब्जी-फल भी पूरी तरह बंद है और जिले में लगभग 60 प्रतिशत तक सब्जी कम हो गई है। आए दिन पुलिस कर्मियों के साथ स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली पुलिस व अन्य विभाग में कार्यरत कर्मी बहस कर रहे हैं। उसके बावजूद किसी को प्रदेश में नहीं आने दिया जा रहा है। क्योंकि दिल्ली के कारण जिले में 20 से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
दिल्ली के कारण जब जिले में कारोना के मरीज बढ़ने लगे तो बार्डर पर डीसी की तरफ से धारा 144 लगा दी गई। जिसके बाद पुलिस ने बार्डर को पूरी तरह से सील कर दिया है। इसके बाद अब दिल्ली से कर्मियों की आवाजाही भी रोक दी गई। जिस पर उनमें गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते कुंडली बार्डर पर आए दिन पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ उनकी नोकझोंक हो रही है। कुंडली बार्डर हो या औचंदी बार्डर दोनों जगह पर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। किसी सरकारी कर्मी या अन्य व्यक्ति को जिले में नहीं आने दिया जा रहा है। महज खाद्य पदार्थ लेकर आने वाले वाहनों या अति आवश्यक कारण के चलते जाने वालों को ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है।
सब्जी के वाहनों को भी नहीं मिल रही एंट्री
आजादपुर सब्जी मंडी में कोरोना संक्रमण फैलने के साथ ही वहां जाने वाला एक किसान संक्रमित होने के कारण प्रशासन ने सब्जी की आवक पर पूरी तरह से रोक लगा दी। आढ़तियों के अनुसार आजादपुर मंडी से सब्जी की आवक पर रोक के कारण 60 प्रतिशत सब्जी कम हो गई है तो फल भी यहां नहीं मिल रहे हैं। कुंडली बार्डर से ही सब्जी लेकर आने वालों को लौटाया जा रहा है। यहां तक की सब्जी लेकर आने वालों को भी जिले में ही सब्जी बेचने की हिदायत दी गई है।
शाम चार बजे कुंडली बार्डर
दिल्ली में सेवा के बाद नहीं जाने दिया जाता घर
कुंडली बार्डर पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की कर्मी कौशल्या का दर्द बर्बस ही फूट पड़ा। उनका कहना था कि वह दिल्ली के अस्पताल में दिनभर कोरोना पॉजिटिव लोगों का उपचार करती हैं। अब उन्हें घर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। अब सरकार को चाहिए कि या तो दिल्ली में कार्यरत कर्मियों की छुट्टी ही करा दी जाए या उन्हें आने-जाने की अनुमति दी जाए। उनका कहना था कि दिल्ली में ठहरने के लिए कोई प्रबंध नहीं। जिसके चलते दिक्कत बढ़ती जा रही है।
दोपहर 2 बजे औचंदी बार्डर
अपने पति के साथ औचंदी बार्डर पर पहुंची स्टाफ नर्स निशा को रोक दिया गया। वह अपने पति के साथ दिल्ली के अवंतिका स्थित अस्पताल में जाने के लिए बार्डर पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि सर मुझे हॉस्पिटल से आदेश हुए हैं कि मैं हॉस्पिटल द्वारा उपलब्ध करवाए गए कमरे में आकर रहूं। इसलिए मैं अपना सामान लेकर जा रही हूं। मेरे पति तो बस मुझे छोड़ने के लिए जा रहे हैं, जोकि कुछ देर में वापस आ जाएंगे। अगर हॉस्पिटल से फोन नहीं आता तो मैं अपने घर पर ही रह रही थी लेकिन अब हॉस्पिटल की तरफ से वहीं पर रहने का इंतजाम करते हुए ड्यूटी करने के लिए बुला लिया गया है। बाद में पुलिस ने निशा को उनके पति को वापस नहीं आने देने की बात कही। जिसके चलते वह अपने पति को लेकर दिल्ली चली गई।
कुंडली बार्डर 3.35 बजे
कैंसर के लिए थेरेपी कराकर आए दंपती को रोका
दिल्ली से कैंसर के लिए थेरेपी कराकर लौटे गन्नौर के रहने वाली उषा व उनके पति अनिल को कुंडली बार्डर पर रोक लिया गया। उषा ने पुलिस को बताया कि उनके पति को कैंसर है। जिसके चलते उनकी किमो थेरेपी दिल्ली के अस्पताल में होती है। वह वहां से लौट रहे हैं। पुलिस द्वारा उनके सभी कागजात जांच करने के बाद ही उन्हें जाने दिया गया।
कुंडली बार्डर 4 बजे
खाना लेकर पहुंचे फैक्टरी संचालक को मिली अनुमति
कुंडली आर्डर पर दिल्ली से खाना व कर्मियों को देने के लिए मानदेय लेकर पहुंचे संजीव ढिंगरा ने बताया कि उनकी बर्तन की फैक्टरी में मजदूर व सिक्योरिटी गार्ड रह रहे हैं। उनके लिए खाना व मानदेय लेकर आए हैं। इसके लिए उन्होंने अनुमति मांगी थी। जिसके बाद प्रशासन ने अनुमति दे दी। उनके सभी कागजात चेक कर उन्हें आने दिया गया।
वर्जन
कुंडली बार्डर पर सरकार के आदेश के बाद पूरी तरह से सख्ती बरती जा रही है। सरकारी कर्मियों को आवागमन से पूरी से रोक दिया गया है। कुंडली से किसी कर्मी को प्रदेश में नहीं आने दिया जा रहा है। कई कर्मी तो प्रदेश की सीमा में आने के लिए अपने परिचित के निधन या बीमारी का बहाना बनाते हैं। उनके पहचान पत्र देखने के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाता है। अपनों की सुरक्षा के लिए लोगों को स्वयं समझना होगा। यह उनके परिवार के लिए भी बेहतर है।
-नरेंद्र दहिया, ड्यूटी मजिस्ट्रेट कुंडली।