सोनीपत। फसल अवशेष को आग लगाने की घटना को रोकने क लिए कृषि विभाग ने अब किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर लाइव डेमो (सजीव प्रदर्शन) देने का निर्णय लिया है। इसके तहत रेड व येलो जोन में शामिल गांवों में करीब 50 एकड़ भूमि में फसल अवशेष प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनों को उतारा जाएगा। मशीनों के माध्यम से किसानों को समझाया जाएगा कि किस तरह से वह अपनी फसलों का सही ढंग से प्रबंधन कर सकते हैं।
फसल अवशेष में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग लाखों रुपये खर्च कर रहा है। एक तरफ जहां किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्र पर सब्सिडी दी जा रही है, वहीं जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। कृषि मेले आयोजित किए जा रहे हैं। बावजूद इसके कई किसान फसल अवशेष प्रबंधन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कृषि विभाग ने सीधे किसान के खेत में पहुंचकर ही यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी देने का निर्णय लिया है। इस दौरान किसानों को जागरुकता के विशेष किट भी उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसके माध्यम से फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं से होने वाले नुकसान व फसल अवशेष प्रबंधन के फायदे बताए जाएंगे।
25 गांव के किसानों को किया जाएगा शामिल
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आयोजित होने वाले लाइव डेमो या प्रशिक्षण शिविर में कृषि विभाग 25 गांवों के किसानों को शामिल करेगा। रेड जोन में शामिल गांव गंगाना सहित येलो जोन में शामिल 16 गांव के किसानों को मुख्य तौर पर शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संवेदनशील 8 अतिरिक्त गांव भी शामिल किए गए हैं। कृषि विभाग का लक्ष्य इन गांवों में से 600 से अधिक किसानों को जोड़ना है। लाइव डेमा देखने वाले प्रत्येक किसान को 400 रुपये की राशि भी उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को लाइव डेमो दिया जाएगा। इसके लिए रेड व येलो जोन में शामिल गांवों के साथ-साथ आठ अन्य संवेदनशील गांवों के किसानों को भी शामिल किया जाएगा। किसान को 400 रुपये की अनुदान राशि भी दी जाएगी। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।