संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पंचायती राज संस्थाओं के एक वित्तीय वर्ष में काम कराने को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें पंचायती राज संस्था की तरफ से एक वित्तीय वर्ष में उपलब्ध फंड में 50 फीसदी या अधिकतम 25 लाख रुपये जो भी कम हो, उस राशि से विकास कार्य करवा जा सकते हैं। विभाग की तरफ से कामों की सूची भी जारी की गई है।
पंचायती राज संस्थाओं में शामिल जिला परिषद, ब्लॉक समिति व पंचायत के लिए विभिन्न 39 कामों की सूची जारी की गई है, जिसमें जिला परिषद को 13, ब्लॉक समिति को 7 व पंचायत को 19 काम दिए गए हैं। पंचायती राज संस्था इनमें से कोई पांच काम निर्धारित राशि से करवा सकती है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अधिकतम चांच लाख रुपये तक के विकास कार्य बिना ई-निविदा प्रणाली के करवाए जा सकते हैं। इससे अधिक राशि के विकास कार्यों को करवाने के लिए ई-निविदा प्रणाली अनिवार्य रहेगी।
सीईओ और बीडीपीओ लगाएंगे अनुमान
विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ से जारी पत्र में सीईओ व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को विकास कार्यों के लिए संभावित राशि का अनुमान लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं निर्माण सामग्री की संभावित मात्रा का अनुमान जिला परिषद के सीईओ द्वारा इंजीनियरिंग विंग के सहयोग से लगाया जाएगा।
पंचायत यह काम कराएगी
गांव की गलियाें, नालियों, पुलिया का निर्माण व इनकी मरम्मत और सफाई (फिरनी छोड़कर), गऊ घाट व स्वागत द्वार का निर्माण, ग्राम सचिवालय, चौपाल, शिवधाम की मरम्मत व रखरखाव, सिंगल ग्राम पंचायत, पानी आपूर्ति सिस्टम के ट्यूबवेल का रखरखाव, तालाबों का निर्जलीकरण, कीचड़ हटाने का काम व तालाब का रखरखाव, घर-घर कूड़ा उठाना, अलग-अलग करने व डिस्पोजल का काम, सार्वजनिक शौचालय का रखरखाव व संचालन करवा सकेंगे। साथ ही ग्राम पंचायत के सभी सार्वजनिक संपत्ति का रखरखाव व मरम्मत, स्ट्रीट लाइट का संचालन, मरम्मत व रखरखाव, कंडम भवन व अन्य निर्माण को ध्वस्त करना, फिरनी की मरम्मत व रखरखाव (जहां पीडब्ल्यूडी या एचएसएएमबी द्वारा रोड निर्मित न हो) शामिल हैं।
पंचायत समिति के काम
योगशाला, व्यायामशाला व पार्क का रखरखाव, गोवर्धन परियोजना व बायोगैस प्लांट का संचालन, वाटर ट्रीटमेंट व ग्रे वाटर मैनेजमेंट, पार्क व पौधरोपण अभियान का रखरखाव, तरल कचरा परियोजना का संचालन व रखरखाव, सड़क पर साइन बोर्ड व गलियों में फर्नीचर लगवाना, पंचायत समिति की तरफ से प्रस्ताव पारित कर करवाए जाने वाले काम जो ग्राम पंचायत की लिस्ट में ना हो।
जिला परिषद करवा सकती है यह काम
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सब हेल्थ सेंटर्स की मरम्मत, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण व रखरखाव, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगवाना, ई-पुस्तकालय, महिला संस्कृति केंद्र व इंडोर जिम की स्थापना, क्यू शेल्टर का निर्माण व रखरखाव, राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल की मरम्मत ( स्कूल प्रबंधन समिति के सहयोग से), चौपाल का निर्माण, 2.5 एकड़ से कम तालाब का विकास करना। साथ ही ग्रामीण खेल स्टेडियम का रखरखाव, नाले और ड्रेन को कवर करना व निर्माण, जिला परिषद की तरफ से प्रस्ताव पारित कर करवाए जा सकने वाले ऐसे काम, जो ग्राम पंचायत या पंचायत समिति की सूची में न हों।
सरकार व पंचायती राज संस्थाएं मिलकर करवाएंगी यह काम
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पूंजीगत अस्तियों का निर्माण (90 फीसदी सरकार व 10 फीसदी पंचायती राज संस्था), सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पूंजीगत अस्तियों का रख-रखाव (20 फीसदी सरकार व 80 फीसदी पंचायती राज संस्था), स्वच्छ भारत मिशन के तहत लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पूंजीगत अस्तियों का निर्माण (90 फीसदी सरकार व 10 फीसदी पंचायती राज संस्था), लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की पूंजीगत अस्तियों का रख-रखाव (20 फीसदी सरकार व 80 फीसदी पंचायती राज संस्था), पार्क कम व्यायामशाला व योग शालाओं का निर्माण (80 फीसदी सरकार व 20 फीसदी पंचायती राज संस्था), ई-पुस्तकालय का निर्माण (80 फीसदी सरकार व 20 फीसदी पंचायती राज संस्था) शामिल हैं।
सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के एक वित्तीय वर्ष में काम कराने को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। पंचायती राज संस्था की तरफ से एक वित्तीय वर्ष में उपलब्ध फंड में 50 फीसदी या अधिकतम 25 लाख रुपये जो भी कम हो, से विकास कार्य करवा जा सकते हैं। विभाग की तरफ से कामों की सूची भी जारी की गई है।
- राजपाल चहल, डीडीपीओ, सोनीपत।