फोटो32 - सोनीपत के गोहाना नप कार्यालय में शराब कारोबारी की संपत्ति के रिकॉर्ड की जांच के लिए ग
गोहाना। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अक्तूबर में अवैध रूप से पकड़ी शराब के करोड़ों के नेटवर्क की जांच अब सोनीपत के गोहाना तक पहुंच गई है। मामले में ग्वालियर की आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम सोमवार को गोहाना पहुंची और गांव रुखी के ग्रामीण रणदीप से जुड़ी संपत्तियों और कारोबार की जानकारी जुटाने की कोशिश की।
जांच टीम ने सबसे पहले रोहतक रोड के पास स्थित एक भवन का निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, जहां से उन्होंने रणदीप की भू-संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों और रिकार्ड की जानकारी जुटाने की कोशिश की। टीम ने नगर परिषद कर्मचारियों के सहयोग से लंबे समय तक रिकॉर्ड खंगाला।
सूत्रों के अनुसार ग्वालियर में जब नकली शराब, मशीनरी और सामग्री सहित करीब चार करोड़ रुपये का अवैध स्टॉक पकड़ा गया था, तब जांच में कई प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए थे। इन्हीं सुरागों के आधार पर टीम ने गोहाना और बरोदा थाना क्षेत्र में भी छानबीन की।
रणदीप कुछ समय पूर्व बरोदा विधानसभा हलके से कांग्रेस टिकट के इच्छुक थे, लेकिन टिकट न मिलने पर वह सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर निजी कारोबार में जुट गए थे। अब उनकी संपत्तियों और गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियां गंभीरता से जांच कर रही हैं।
ग्वालियर से आई संयुक्त टीम ने जांच की प्रगति को लेकर पत्रकारों से कोई जानकारी साझा करने से साफ इन्कार किया है। ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र में शराब की अवैध फैक्टरी पकड़े जाने के बाद हरियाणा के तस्करों की संलिप्तता के संकेत मिले थे, जिससे इस मामले की जांच अब अंतरराज्यीय स्तर पर तेज हो गई है।