पंचायत चुनाव के चलते जिले के शराब ठेके 8 व 9 तथा 11 और 12 नवंबर को पूरी तरह से बंद रहेंगे। वहीं होटल, रेस्टोरेंट, बार, क्लब में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। जिला परिषद व पंचायत समिति की मतगणना 27 नवंबर को होगी। उस दिन भी शराब ठेके बंद रहेंगे।
जिले में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। 9 नवंबर को जिला परिषद व पंचायत समिति और 12 नवंबर को सरपंच व पंच पद के चुनाव होने हैं। सरपंच व पंच पद की मतगणना शाम 6 बजे मतदान खत्म होने के बाद की जाएगी। वहीं जिला परिषद व पंचायत समिति की मतगणना 27 नवंबर को होगी। मुख्यालय ने मतदान से पहले दिन से ही जिले में शराब ठेकों पर थोक एवं फुटकर बिक्री पर रोक लगा दी है। इनमें देसी शराब व बीयर की दुकानें शामिल हैं। मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार शराब की बिक्री 8 व 9 नवंबर को जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव को लेकर बंद रहेगी। 11 व 12 नवंबर को भी पंच व सरपंच पद के चुनाव को लेकर यह दुकानें बंद रहेगी। इसके बाद 27 नवंबर को मतगणना वाले दिन भी ये सभी दुकानें बंद रहेंगी। दो चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने शराब तस्करों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में अवैध शराब के विक्रेताओं पर वह लगातार शिकंजा कस रही है।
जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त का कहना है कि पंचायत चुनाव में किसी व्यवधान या शांति व्यवस्था भंग होने से बचाने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किए गए हैं। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के समान प्रकृति के अन्य नशीले पदार्थ किसी होटल, सराय, दुकान या किसी अन्य सार्वजनिक या निजी स्थानों पर बेचे या वितरित नहीं किए जा सकते। सभी अधिकृत लाइसेंस धारकों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करना होगा। इसको लेकर विभाग की ओर से आदेश जारी हो चुके है।
जिलेभर के शराब ठेके 48-48 घंटों तक बंद रहेंगे। मुख्यालय की ओर से 8 व 9 नवंबर और 11 व 12 नवंबर को शराब ठेकों को पूर्णतया बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर सभी लाइसेंस धारकों को भी आदेश जारी कर दिए गए है।
नरेश कुमार, जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त