एनएच-44 पर भिगान टोल प्लाजा को जाम कर हंगामा करने, मैनेजर और पुलिस टीम से हाथापाई व पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार 10 आरोपी की पुलिस कुंडली खंगाल रही है। अब तक की जांच में पता लगा है कि इनमें कोई अधिवक्ता है तो कोई फैक्टरी कर्मी है। वहीं ऑनलाइन ट्रेडर्स का काम करने वाला और ऑनलाइन डिजिटल वीडियो बनाने का काम करने वाला शामिल है। साथ ही पता लगा है कि यह करीब दो माह से ही यूनिवर्सल लॉ ऑफ कम्युनिटी ट्रस्ट (यूएलसीटी) से जुड़े है। आरोपी विद्रोही प्रवृति के तो हैं और कानून व संविधान को नहीं मानने की बात कह रहे थे, लेकिन संगठन के मुखिया और देश में छिपे अन्य आरोपियों के बारे में उनको सटीक जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस मोबाइल नंबरों से जानकारी जुटाने में लगी है।
भिगान टोल प्लाजा पर 30 अक्तूबर को मैनेजर को हथकड़ी लगाकर अगवा करने के प्रयास का मामला सामने आया था। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस से भी हाथापाई कर दी गई थी। पुलिस ने वहां से चार कार में सवार 10 लोगों को काबू किया था। उनकी पहचान दिल्ली के केशवपुरम निवासी राहुल मेहरा, दिल्ली के गांव हमीदपुर निवासी बिजेंद्र शर्मा, दिल्ली के मयूर विहार निवासी पुनीत कुमार, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के सिगमा अपार्टमेंट निवासी टीकम सिंह, गौतम बुद्ध नगर के राजपुर निवासी गजेंद्र सिंह, गौतम बुध नगर के सेक्टर-82 निवासी परमिंदर सिंह, सेक्टर-49 फरीदाबाद निवासी अमनदीप सिंह, आगरा के इंद्रा नगर रामबाग निवासी नीरज, मूलरूप से पश्चिमी बंगाल फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर-37 निवासी दीपक चौबे, करनाल के बुढ़ा खेड़ा के विक्रमजीत सिंह शामिल हैं। आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने बताया था कि वह यूनिवर्सल लॉ ऑफ कम्युनिटी ट्रस्ट (यूएलसीटी) के सदस्य हैं। पुलिस ने मामले में आरोपियों के बारे में जांच की तो पता लगा कि आरोपी टिकम अधिवक्ता का काम करता था। वहीं दीपक चौबे का ऑनलाइन मार्केटिंग व डिजिटल वीडियो मेकिंग का काम था। अमनदीप फरीदाबाद किसी फैक्टरी में कर्मी है। राहुल मेहरा ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करता था। बिजेंद्र शर्मा किसी अधिवक्ता के पास मुंशी काम करता था। गजेंद्र निजी कंपनी में कार्यरत था। विक्रमजीत टैक्सी एंड टूर ट्रेवल्स का काम करता है। नीरज एक मोटर्स कंपनी का कारिंदा है। वहीं परमिंदर ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर बेचता है।
दो माह पहले ही ट्रस्ट जुड़े
मामले में गिरफ्तार किए आरोपी दो माह पहले ही ट्रस्ट से जुड़े है। जिसके चलते इन्हें कोई ज्यादा जानकारी नहीं है। उनसे पता लगा कि वह उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति के माध्यम से जुड़े है। हालांकि वह उसका नाम नहीं जानते है। जिसके चलते वह उसके बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए हैं। पुलिस अब उनसे मिले मोबाइल व उनके नंबरों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस विद्रोही मानसिकता के इन लोगों के साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मुरथल के ढाबे पर बैठक कर आगे बढ़े
पुलिस के अनुसार आरोपी मुरथल में एक ढाबा पर बैठक कर आगे बढ़े थे। उनको बताया गया था कि उनका कोई टोल नहीं लगेगा। वह अन्य लोगों को ट्रस्ट से जोड़ने की फिराक में थे। रोज रात को वह बैठक कर वायस चेट से विदेश व देश में अन्य स्थानों पर बैठे ट्रस्ट के सदस्यों का विद्रोही भाषण सुनते थे। जिससे इनकी मानसिकता भी प्रभावित हो गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों से अन्य साथियों के बारे में पता लगाने का हरसंभव प्रयास जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के मंसूबे विद्रोहियों जैसे हैं। पता लगाया जा है कि यह रुपये कमाने का जरिया थे या संगठन से जोड़कर कोई गलत पाठ पढ़ाया जा रहा था। इनको ज्यादा जानकारी नहीं है। मामले में गहनता से पूछताछ जारी है। -मयंक गुप्ता, एएसपी, खरखौदा