सोनीपत। खरखौदा शराब तस्करी, चोरी व धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी भूपेंद्र के भाई जितेंद्र की गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। उसकी गिरफ्तारी पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसे पहले ही भगोड़ा घोषित करा दिया गया था। भूपेंद्र के फरार साथी संजय सिंह और सतीश झरोठ को भी भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। उन पर इनाम घोषित करने के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है।
खरखौदा में शराब गोदाम से करोड़ों रुपये की शराब का घालमेल किया गया था। इस मामले के मुख्य आरोपी गोदाम का मालिक भूपेंद्र और खरखौदा के एसएचओ रहे जसबीर सिंह थे। इसके साथ ही गोदाम की आड़ में कई साल से शराब की तस्करी की जा रही थी। इस मामले में खरखौदा थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें भूपेंद्र, उसका भाई जितेंद्र और दो अन्य साथी, खरखौदा थाने एसएचओ रहे जसबीर सिंह और अन्य पुलिसकर्मी नामजद थे। इस मामले की जांच प्रदेश स्तरीय एसईटी, मंडल स्तरीय एसआईटी और खरखौदा पुलिस कर रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी भूपेंद्र व खरखौदा थाने के एक एएसआई जयपाल, बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर जसबीर और आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही कई अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं। न्यायालय ने इनमें से तीन आरोपियों को पीओ घोषित कर दिया था। एसआईटी के अनुसार भूपेंद्र के भाई जितेंद्र, भूपेंद्र के साझीदार सतीश झरोठ और अवैध हथियारों के सप्लायर संजय सिंह पीओ है। अब पुलिस ने आरोपी जितेंद्र की गिरफ्तारी पर 5000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इसके साथ ही सतीश झरोठ और संजय सिंह सिसाना पर इनाम के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं।
--
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही तीनों आरोपी फरार हैं। यह जांच में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं। इसके चलते तीनों को पीओ घोषित कराया था। आरोपी जितेंद्र पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जल्द ही अन्य पर इनाम घोषित कराया जाएगा।
-जोगेंद्र सिंह, डीएसपी एसआईटी।