सोनीपत। खरखौदा के गोदाम से शराब तस्करी, चोरी व भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर फरारी के दौरान झज्जर से लेकर गुजरात तक छिपता रहा। उसने टैक्सी में सफर किया। पुलिस अब छिपने के ठिकानों व उसकी सहायता करने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जसबीर का सबसे ज्यादा सहयोग उसके शराब तस्करी के धंधेबाजों ने किया। फरार होने के बाद जसबीर ने नया मोबाइल और सिम लिया और उससे लगातार भूपेंद्र के भाई जितेंद्र के संपर्क में रहा। उसने जितेंद्र से मुलाकात भी की।
एसआईटी ने शराब तस्करी, चोरी व भ्रष्टाचार के आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर को रोहतक के सेक्टर-14 स्थित चौकी से गिरफ्तार किया था। पुलिस का शिकंजा कसने पर वह खुद चौकी में पेश हुआ था। उसके बाद उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में जसबीर का सहयोग करने वाले चार ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जो शराब तस्करी में भी संलिप्त रहे हैं। पुलिस उनके बारे में जरूरी जानकारी जुटा रही है। उनको पूछताछ के बाद जांच में शामिल किया जाएगा। जसबीर के फरारी के दौरान रुकने, उसकी मदद करने वालों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। उसने शुरुआती पूछताछ में बताया है कि वह झज्जर के साथ ही दिल्ली, यूपी राजस्थान से होकर गुजरात तक गया। गुजरात में उसने सबसे अधिक दिन छिपकर बताए हैं। वह टैक्सी में सफर करते हुए वहां पहुंचा। उसके गुजरात के बताए स्थान का भी सत्यापन कराया जा रहा है कि वह वास्तव में वहां पर रुका था या नहीं। उसने बताया है कि उसने जितेंद्र से मुलाकात की थी। उसने नया मोबाइल व सिम लिया था।
डेढ़ साल से चल रहा था शराब तस्करी का धंधा
खरखौदा से शराब तस्करी का धंधा लॉकडाउन में नहीं चला बल्कि करीब डेढ़ साल से चल रहा था। जसबीर से मिली जानकारी के अनुसार शराब तस्करी का धंधा उसके समय में ही शुरू नहीं हुआ था। गोदाम को भूपेंद्र तस्करी की शराब के वितरण केंद्र के रूप में प्रयोग करता था। अब एसआईटी और सोनीपत पुलिस ने इसकी भी जांच शुरू कर दी है कि डेढ़ साल के दौरान खरखौदा में रहे पुलिस कर्मियों से भूपेंद्र के कैसे संबंध थे। भूपेंद्र ने शादियों में नकली व तस्करी की बीयर सप्लाई करने से धंधे की शुरुआत की थी।
अवैध हथियार तस्कर से संबंधों को खंगाल रही पुलिस
खरखौदा शराब घोटाले के आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर सिंह के तार अवैध हथियारों का धंधा करने वालों से तो नहीं जुड़ गए थे इसका भी पता लगाया जा रहा है। भूपेंद्र के संपर्क में हथियारों का तस्कर संजय भी था। उस पर भूपेंद्र को अवैध पिस्टल उपलब्ध कराने का आरोप है। जसबीर से रिमांड के दौरान इस बारे में पूछताछ की जाएगी कि उसका संबंध संजय से था या नहीं।
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शराब तस्करी मामले में जसबीर से पूछताछ की जा रही है। फरार रहने के दौरान उसके ठिकानों, उसको संरक्षण देने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। वह झज्जर व गुजरात में रुका था। उसकी सत्यता की जांच की जा रही है। खरखौदा में डेढ़ साल से अधिक समय से शराब तस्करी का धंधा चल रहा है। इस दौरान भूपेंद्र का साथ देने वालों की भी सूची तैयार की जा रही है।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।