सोनीपत। खरखौदा के शराब तस्करी मामले में गिरफ्तार आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर धीरेंद्र से रिमांड अवधि में पूछताछ के दौरान कुछ अन्य के नाम भी सामने आए हैं। जिनसे पुलिस जल्द पूछताछ कर सकती है। हालांकि पुलिस अभी इस बारे में जांच की बात कह रही है। वहीं पुलिस ने रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। न्यायालय में पेश करने से पहले उसका कोरोना टेस्ट कराया गया।
खरखौदा शराब तस्करी मामले में रिमांड के दौरान आबकारी इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार ने पुलिस के सभी सवालों का सीधा जवाब दिया। धीरेंद्र ने केवल अपने आप को दोषी मानने से इंकार करते हुए कहा कि आबकारी विभाग से अन्य भी भूपेंद्र व जितेंद्र से मिलकर उसका काम कराते थे। भूपेंद्र हर काम के बदले में मोटी धनराशि देता था। आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर धीरेंद्र ने बताया कि भूपेंद्र के शराब के ट्रक आते थे तो उनको बिना जांच के ही निकाल दिया जाता था। बार-बार शिकायत आने पर उसकी शराब को पकड़ लिया जाता था और फिर उसके गोदाम में रखवा देते थे। पुलिस मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस मामले में अन्य से भी पूछताछ कर सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर पहलु पर बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के बाद मामले में हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। मामले में जिसकी भी संलिप्तता होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अदालत में पेश कर भेजा गया जेल
पुलिस ने रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी धीरेंद्र का कोरोना टेस्ट कराने के बाद उसे अदालत में पेश किया। उसके बाद उसे जेल भेज दिया। शराब तस्करी के सरगना भूपेंद्र व अन्य से पूछताछ में इंस्पेक्टर धीरेंद्र का नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। एसआईटी इसकी भी जांच कर रही है कि धीरेंद्र ने शराब के ठेकों पर भूपेंद्र की तस्करी वाली शराब बेचने में सहयोग तो नहीं किया था।
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धीरेंद्र से पूछताछ में कई जानकारी मिली हैं। उसके आधार पर अन्य से भी पूछताछ की जा सकती है। फिलहाल उससे हुई पूछताछ की पूरी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले में हर पहलु पर बारीकी से जांच की जा रही है।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।