शराब चोरी, गबन व भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर की गिरफ्तारी से कई राज खुल सकते हैं। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में अन्य की संलिप्तता से भी पर्दा उठ सकता है। हालांकि पुलिस अभी तक उसे पकड़ पाने में विफल रही है। आरोपी स्वयं पुलिस में होने के चलते पुलिस के दांवपेंच से वाकिफ है। इसके चलते वह लगातार पुलिस से बच निकलता है। अब पुलिस ने अन्य आरोपियों से ध्यान कम कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास ज्यादा तेज कर दिए हैं।
शराब तस्करी के खेल में भूपेंद्र के साथ आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर भूपेंद्र के लिए काफी मददगार रहा। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र को जसबीर के माध्यम से अपने संबंध रसूकदार अधिकारियों व नेताओं तक बनाने में मदद मिली। भूपेंद्र के शराब ला रहे ट्रक को करीब दो साल पहले जसबीर ने रोक लिया था। भूपेंद्र ट्रक को छुड़ाने के लिए उससे मिला और उसके बाद दोनों ने मिलकर खेल शुरू किया। आरोप है कि जसबीर और भूपेंद्र लॉकडाउन में शराब गड़बड़ी करते हुए ज्यादा करीब आ गए थे।
चर्चा है कि जसबीर ने ही भूपेंद्र को पंजाब में एक राजनीतिक गलियारों का रास्ता दिखाया था। अब पुलिस के लिए जसबीर की गिरफ्तारी बड़ी चुनौती बनी हुई है। उसकी गिरफ्तारी होने तक पुलिस ने भूपेंद्र के भाई जितेंद्र व शातिर सतीश की गिरफ्तारी पर भी पूरा फोकस नहीं कर पा रही है।
जसबीर और भूपेंद्र की शराब तस्करी और चोरी में मिलीभगत सामने आ चुकी है। अन्य कई चर्चाएं भी हैं। पुलिस सबसे पहले जसबीर की गिरफ्तारी को लेकर पूरा ध्यान लगा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पूरा मामला साफ हो सकेगा। सच्चाई सामने लाने को पुलिस हरसंभव प्रयास करेगी। जरूरत पड़ने पर दोनों को एक साथ बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी। शराब गड़बड़ी में जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र सिंह, डीएसपी एसआईटी, सोनीपत