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गोदाम की शराब ज्यादा दाम में बेचने को तस्करों में कराया जाता था कंपटीशन

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गोदाम की शराब ज्यादा दाम में बेचने को तस्करों में कराया जाता था कंपटीशन
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-शराब तस्कर भूपेंद्र के बाद अन्य कई तस्करों से बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर के संबंध होने की बात कही जा रही
-लॉकडाउन में किसी भी दाम में शराब खरीदने को तैयार थे तस्कर, कोई कम दाम में खरीदता तो अन्य से करता था संपर्क
-अन्य तस्करों का पता लगाने में जुटी जांच टीम, जसबीर के पकड़े जाने के बाद कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद
-शराब तस्करी में कितने व किस तरह के लोग शामिल, पुलिस के लिए पता लगाना ही अब सबसे बड़ी चुनौती
अंकित चौहान
सोनीपत। खरखौदा में गोदामों से तस्करी की जब्त शराब गायब करने के मामले में जिस तरह का खुलासा हुआ है, वह हर किसी को चौंका सकता है। शराब तस्करी का खेल शुरू हुआ तो बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर ने शराब को मोटे दाम में बेचने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाने शुरू कर दिए। गोदाम की शराब ज्यादा दाम में बेचने के लिए तस्करों में कंपटीशन तक शुरू करा दिया गया। क्योंकि लॉकडाउन में तस्कर किसी भी दाम में शराब खरीदने के लिए तैयार थे और इसका ही फायदा जसबीर ने उठाया। जब कोई तस्कर शराब को कम दाम में खरीदता था तो वह अन्य से संपर्क करके शराब बेचने की बात कहकर दबाव डालता था। अब जसबीर के साथ कितने तस्कर जुड़े हुए थे, यह जसबीर के पकड़े जाने पर ही खुलासा होगा। वहीं पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि शराब तस्करी में कितने व किस तरह के लोग शामिल हैं।
खरखौदा में तस्करी की जब्त की गई शराब गोदाम से गायब मिलने पर छानबीन शुरू हुई तो वहां से 11066 पेटी गायब मिली। जिसमें शराब माफिया भूपेंद्र के साथ दो इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है तो इस मामले में पहले से छानबीन कर रही दो टीमों के अलावा सरकार ने अलग से एसईटी बनाकर जांच शुरू करा दी है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़े सूत्रधार बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर का पकड़ा जाना जरूरी है, जिससे उसके जहन में छुपे सभी राज खुल सके। पुलिस की जांच में अभी तक यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर के अन्य तस्करों से संबंध हो सकते हैं। उन तस्करों में कंपटीशन कराकर ही लॉकडाउन में उसने गोदाम की शराब को मोटे दाम में बेचा है। जिसका सबसे बड़ा कारण यह था कि लॉकडाउन में तीन गुणा तक महंगी शराब बिकी है और तस्कर भी उसका फायदा उठाने के लिए किसी भी दाम में शराब खरीदने को तैयार थे। इसका ही फायदा जसबीर ने उठाया और उसने तस्करों में कंपटीशन कराकर मोटे दाम में शराब बेची।
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गोदाम में नकली शराब होने की आशंका, 16 सैंपल लेकर जांच को भेजे
खरखौदा में शराब तस्करी का खेल लंबे समय से चल रहा था, जिसमें भूपेंद्र के साथ ही बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर व अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे। जहां पहले पंजाब से सस्ती शराब लाकर उसे खरखौदा में महंगे ब्रांड की बोतल में भरकर बेचा जाता था। वहीं लॉकडाउन में गोदाम में रखी तस्करी की पकड़ी हुई शराब को चोरी करके बेच दिया गया। जिसकी कई टीम जांच में जुटी है, लेकिन अब यह भी शक जताया जा रहा है कि गोदाम में नकली शराब तो नहीं रखी गई है। क्योंकि भूपेंद्र पंजाब से शराब मंगवाकर ढक्कन व लेबल बदलकर महंगे ब्रांड की शराब तैयार करा देता था। ऐसे में पुलिस को शक है कि गोदाम से पकड़ी गई असली शराब की जगह नकली शराब की पेटियां भी रखी जा सकती है। इसको देखते हुए ही पुलिस ने आबकारी विभाग की टीम के साथ मिलकर गोदाम से शराब के 16 सैंपल लिए है, जिनको जांच के लिए भेजा गया है।
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बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर के शराब तस्करों से संबंध थे, यह बात सामने आ चुकी है। लेकिन उसके कितने व किस-किस शराब तस्कर से संबंध थे, यह उसके पकड़े जाने के बाद ही साफ होगा। शराब के अवैध धंधे के सहारे जिस तरह से यह मोटी कमाई कर रहे थे, उसको देखते हुए नकली शराब की सप्लाई व अन्य कुछ भी यह कर सकते हैं। ऐसे में शराब की गुणवत्ता की जांच के लिए 16 सैंपल लिए गए और उनको जांच के लिए भेजा गया है।
-जितेंद्र सिंह, डीएसपी एसआईटी
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