जीटी रोड स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के पास सड़क हादसे में दो उभरते खिलाड़ियों की मौत हो गई। बाक्सिंग के लिए तैयारी कर रहे दोनों बच्चे सगे भाई थे।
हादसे के समय दोनों ही बाक्सिंग की प्रैक्टिस करने साई केंद्र में ही अभ्यास के लिए जा रहे थे। रास्ते में इन्हें एक तेज रफ्तार सेंट्रो कार ने चपेट में ले लिया। हादसे में एक अन्य बच्चा भी घायल हुआ है। घायल को पीजीआई रेफर कर दिया गया है। दूसरी ओर बच्चों के शव सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिए गए हैं।
खेवड़ा निवासी नवनीत के दो बेटे हर्ष (12), अभय (10) साई केंद्र में चार माह से बाक्सिंग का अभ्यास कर रहे थे। प्रतिदिन की तरह मंगलवार दोपहर बाद स्कूल कीछुट्टी होने के बाद हर्ष और अभय दोनों अभ्यास के लिए जा रहे थे। साथ में खेवड़ा का ही संजू भी था। वे बहालगढ़ से साई केंद्र की ओर पैदल ही जा रहे थे।
जब वे साई के नजदीक पहुंचे तो एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में हर्ष और अभय की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना को अंजाम देकर कार चालक अपनी कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद आसपास के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी और बच्चों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। यहां पर हर्ष और अभय के शव को शवगृह में रखवा दिया गया। वहीं संजू को गंभीर हालत के चलते प्राथमिक उपचार के उपरांत रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई आरंभ कर दी।
मूल रूप से मेरठ का रहने वाला है परिवार
दो बच्चों की मौत का दंश झेल रहे नवनीत और उसका परिवार मूल रूप से मेरठ का रहने वाला है। गांव महलवाला, जिला मेरठ, यूपी का यह परिवार करीब सात वर्षों से गांव खेवड़ा में किराए पर रह रहा है। नवनीत किरयाणा की दुकानों में सेल्समैन का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।
खेवड़ा के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते थे बच्चे
नवनीत के तीन बच्चे हर्ष, अभय और अंजना थे। जिनमें सड़क हादसे में हर्ष व अभय की मौत हो गई। अंजना अपने भाई के साथ स्कूल जाती थी। अंजना नौंवी कक्षा की छात्रा है। जबकि हर्ष सातवीं तथा अभय पांचवी कक्षा में पढ़ता था। तीनों गांव के ही राजकीय स्कूल में पढ़ रहे थे। स्कूल से छुट्टी होने के बाद हर्ष व अभय रोजाना साई केंद्र में बॉक्सिंग का अभ्यास के लिए जाया करते थे।
पहले दिन ही गया था संजू
हर्ष और अभय दोनों करीब चार माह से बाक्सिंग की प्रैक्टिस कर रहे थे। वहीं संजू आज पहली बार ही साई में जा रहा था। संजू के परिजनों के अनुसार मंगलवार को ही वह साई में दाखिला लेने जा रहा था। वह जिद कर रहा था, अगर वह जिद न करता तो शायद उसके साथ हादसा न होता।
आज ही उठाई थी साइकिल की डिमांड
दोनों बच्चों मां ने पति नवनीत से मंगलवार को ही बच्चों के लिए साइकिल लाने को कहा था। ताकि बच्चे बॉक्सिंग के अभ्यास के लिए पैदल न जाने की बजाय साइकिल से जाएं। जिससे बच्चों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। तभी उसके पति ने अपनी पत्नी को कहा था कि बच्चे हैं अभी साइकिल नहीं दिलानी, हाइवे पर भीड़ रहती है। चोट खा जाएंगे।