सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमिंद्र कौर की अदालत ने गांव बाघडू में घरेलू कहासुनी के चलते पत्नी की हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव खानपुर कलां निवासी ओमप्रकाश ने 23 जून, 2017 को सदर सोनीपत पुलिस को शिकायत दी थी कि उसने अपनी बेटी नगीना (32) की शादी वर्ष 2006 में गांव बाघडू निवासी प्रदीप के साथ की थी। प्रदीप अक्सर उसकी बेटी नगीना के साथ कहासुनी करता था। जिसके चलते उसकी बेटी अपने तीन बच्चों को लेकर अपने मायके खानपुर चली गई थी। उसके पास दो लड़कियां और एक लड़का है। 23 जून, 2017 को सुबह प्रदीप अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुराल गया था। वहां से तीसरे पहर ही वह उसे लेकर गांव बाघडू आया था। बाघडू में आने के बाद प्रदीप ने उसकी बेटी संग फिर से कहासुनी कर दी थी। जिस पर प्रदीप ने कस्सी से उसकी बेटी की गर्दन पर हमला कर दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए थे। प्रदीप के भाई से शादीशुदा नगीना की बहन मौसमी ने अपने पिता को मामले से अवगत कराया था। जिस पर ओमप्रकाश ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को बताया था। जिस पर पुलिस ने ओमप्रकाश के बयान पर प्रदीप के साथ ही दो अन्य पर मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एएसआई बिजेंद्र की टीम ने 25 जून, 2017 को आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने कस्सी से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पानीपत में हरिद्वार रोड से झाड़ियों में छिपाई गई कस्सी को बरामद कर लिया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे प्रविंद्र कौर की अदालत ने आरोपी प्रदीप को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।