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Sonipat News: पुस्तकालय के बेसमेंट में भरा पानी, बिजली गुल रहने से बढ़ी परेशानी

Thu, 01 Aug 2024 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में शिक्षक, गैर शिक्षक व शोधार्थियों का अपनी मांगों को लेकर धरना जारी है। इसी बीच रात को हुई बारिश से विवि के पुस्तकालय के बेसमेंट में पानी भर गया। यहां बिजली के पैनल व एसी पैनल पानी में भीग गए, जिससे बिजली गुल रही। जिससे ऊपरी भवन में शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी गर्मी व उमस से बेहाल रहे। गुस्साए विद्यार्थियों ने व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं होने पर सभी कुलपति कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। कुलपति ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्या सुनी और पुस्तकालय भवन के बेसमेंट का जायजा लेकर समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
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विश्वविद्यालय के शिक्षकों की यूनियन डीक्रूटा के प्रधान डाॅ. अजय कुमार ने आरोप लगाया कि विवि में मुलभूत सुविधाओं का अभाव है। पुस्तकालय में पानी भरा हुआ है। कोई दुर्घटना होती है तो विवि प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पीने तक का पानी नहीं है। शौचालयों की स्थिति दयनीय है। विश्वविद्यालय की लिफ्ट खराब पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति का विवि के विकास से कोई लेना देना नहीं है। विवि प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ शोधार्थियों, शिक्षक व कर्मचारियों को मजबूरन धरना देना पड़ रहा है, इसके साथ ही शिक्षक व दूसरे कर्मचारी अपनी डयूटी भी कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों व विवि के हितों के लिए शिक्षक व कर्मचारी लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
20 करोड़ की लागत से 12 साल पहले तैयार करवाया था भवन
मुरथल विवि में पुस्तकालय भवन का निर्माण करीब 12 साल पहले 20 करोड़ से अधिक की लागत से करवाया गया था। इस भवन में पुस्तकालय के अलावा एमबीए, एमएचए, बीए समेत अनेक पाठ्यक्रमों की कक्षाएं भी लगती हैं। जिस कारण भवन में करीब 600 विद्यार्थी मौजूद रहते हैं। बताया जा रहा है कि बेसमेंट में जलभराव की समस्या कई वर्ष से है। इसका स्थायी समाधान करने के बजाय यहां विद्यार्थियों के जाने पर ही पाबंदी लगा दी गई थी। जलभराव होने से बिजली व्यवस्था चौपट हो जाती है। बेसमेंट में भरा पानी एसी पैनल के जरिये पहुंच रहा है। जिसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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