सोनीपत। जिला बार एसोसिएशन सोनीपत ने कमिश्नर कोर्ट की सिटिंग शिफ्ट करने का विरोध तेज कर दिया है। शनिवार को भी अधिवक्ताओं ने काम नहीं किया। उनका कहना है कि वर्षों पुरानी परंपरा के तहत कमिश्नर सोनीपत कैंप ऑफिस आकर मामलों की सुनवाई करते थे जिसे स्थगित नहीं किया जाना चाहिए।
कमिश्नर कोर्ट रोहतक में संचालित होने की स्थिति में हर महीने करीब एक हजार वादी-प्रतिवादी एवं अधिवक्ता परेशान होंगे। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अनिल ढुल ने कहा कि सरकार को न्याय को सुलभ बनाने के लिए नए सब डिवीजन बनाकर न्यायालय खोलने के बजाय पुरानी परंपरा को बनाए रखना चाहिए।
कोर्ट की सिटिंग बचाने के लिए पुरजोर प्रतिरोध किया जाएगा। इसी रणनीति के तहत न्यायिक कार्य नहीं किया जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि कमिश्नर कोर्ट की सिटिंग सोनीपत में ही होनी चाहिए। जिला बार एसोसिएशन के सचिव संदीप खरब ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है रोष जारी रहेगा।