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कलेक्टर रेट से 5.20 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन, कब्जा दिखाकर 1.30 करोड़ में सेल डीड बनाई

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सोनीपत। शहर में कलेक्टर रेट से लगभग 5.20 करोड़ रुपये की कीमत वाली सरकारी जमीन की 1.30 करोड़ रुपये में सेल डीड बना दी गई। यह सब कुछ रोहतक रोड पर बोस्टन जेल के सामने कस्टोडियन की 3 बीघा जमीन को लेकर किया गया। जिस पर कुछ लोगों का पुराना कब्जा दिखाकर लॉकडाउन में 1.30 करोड़ रुपये जमा करा लिए गए और उनके नाम सेल डीड बनाई गई।
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जमीन देने की प्रक्रिया काफी दिन तक चली और उसके बाद मौका देखकर सेल डीड बना दी गई। सेल डीड में कॉमर्शियल या रेजिडेंसियल उपयोग की कोई जानकारी तक नहीं दी गई। इस जमीन को लेकर उस समय पूरा खुलासा हुआ, जब उसके कुछ हिस्से की एक अन्य दावेदार ने आकर सेल डीड पर सवाल उठा दिए। इसके साथ ही निगम से नक्शा पास कराए बिना निर्माण शुरू करने की शिकायत भी कमिश्नर के पास पहुंच गई। अब सेल डीड की शिकायत होने के साथ ही नक्शे के बिना निर्माण दोनों ही मामलों में जांच शुरू हो गई है।
शहर में काफी जगह कस्टोडियन की जमीन है और यह जमीन अधिकतर ऐसी जगह पर है, जहां उसकी करोड़ों रुपये कीमत है। कस्टोडियन की जमीन की पूरी जिम्मेदारी तहसीलदार सेल्स के पास होती है, लेकिन यहां कस्टोडियन की जमीन की सेल डीड बनाकर प्राइवेट लोगों को दी जा रही है। इस तरह ही एक मामला रोहतक रोड पर बोस्टन जेल के सामने कस्टोडियन की 3 बीघा जमीन को लेकर सामने आया है। वहां कलेक्टर रेट के हिसाब से 3 बीघा जमीन की कीमत लगभग 5.20 करोड़ रुपये होती है तो बाजार भाव के हिसाब से इतनी जमीन की कीमत कई करोड़ ओर ज्यादा होती है। तहसीलदार सेल्स ने उस जमीन की सेल डीड 1.30 करोड़ रुपये में बनाई है और अब वह सरकारी जमीन प्राइवेट लोगों के नाम हो गई है। उस सेल डीड को यह कहकर बनाया गया है कि उस जमीन को जिन लोगों को दिया गया है, उनका जमीन पर काफी समय से कब्जा था। वहीं तहसीलदार सेल्स के प्रतिनिधि का दावा है कि उस जमीन का आवंटन कुछ लोगों के पक्ष में किया गया है, लेकिन आवंटन के दौरान यह नहीं बताया गया कि उसका इस्तेमाल कॉमर्शियल या रेजिडेंसियल किस लिए किया जाएगा।
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जमीन की एक अन्य दावेदार आई, बिक्री प्रमाण पत्र दिखाने पर खुलासा हुआ
रोहतक रोड पर बोस्टन जेल के सामने जिस जमीन की 1.30 करोड़ रुपये में सेल डीड बनाई गई है। उस 3 बीघा जमीन में 400 वर्ग गज की एक दावेदार स्वाति भी सामने आ गई है। जिसने उसमें से 400 वर्ग गज जमीन का बिक्री प्रमाण पत्र अधिकारियों को दिखाया है, जिसमें 1981 में मुखत्यारी के नाम बिक्री होने की बात कही गई है। मुखत्यारी उस युवती की नानी है। उसके बावजूद तहसीलदार सेल्स की ओर से दोबारा उस जमीन की सेल डीड बनाने का आरोप लगाते हुए मामले में जांच कराने की मांग करते हुए शिकायत की गई है।
नक्शा पास कराए बिना निर्माण करने की शिकायत कमिश्नर के पास पहुंची
जिस जमीन की 1.30 करोड़ रुपये में सेल डीड बनाई गई है। उस पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, जबकि उस मामले में शिकायत की गई है। वहीं कमिश्नर के पास शिकायत की गई कि नक्शा पास कराए बिना वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस शिकायत पर कमिश्नर जगदीश शर्मा ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर देवेंद्र खासा को जांच करके रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जिससे पूरी स्थिति साफ हो सके और वहां का नक्शा नहीं मिलता है तो उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रोहतक रोड पर एक जमीन में नक्शा पास कराए बिना निर्माण करने की शिकायत मिली थी। जिसमें बिल्डिंग इंस्पेक्टर को जांच के निर्देश दिए गए है। उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जगदीश शर्मा, कमिश्नर नगर निगम
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इस जमीन के मामले में एक अन्य महिला ने अपनी जमीन होने का दावा किया है। जिसका उसने बिक्री प्रमाण पत्र दिया है। इस पूरे मामले में जांच कराई जा रही है कि आखिर बिक्री प्रमाण पत्र की क्या सच्चाई है।
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- सचेत, प्रतिनिधि तहसीलदार सेल्स
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