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Sonipat: ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 14.65 लाख ठगे, कुंडली स्थित अपार्टमेंट में रहने वाले युवक से की ठगी

Thu, 14 Mar 2024 03:26 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

पीड़ित का कहना कि उन्होंने रुपये निकालने को कहा। उन्होंने इसके लिए बहाना बना दिया। साथ ही कहा कि अमेरिका की कर प्रणाली के अनुसार व्यक्ति की 60,000 और 150,000 के बीच की वार्षिक आय 30 फीसदी व्यक्तिगत आयकर के अधीन है। ऐसे में कुल 41.87 लाख रुपये पर कर के रूप में 12.56 लाख आयकर के रूप में भुगतान करना होगा।
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cyber crime - फोटो : pixabay
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विस्तार
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सोनीपत में साइबर ठगों का मकडजाल लगातार फैलता जा रहा है। थोड़ी सी लापरवाही बरतते ही वह खाता खाली कर देते हैं। साइबर ठग मोटी कमाई का झांसा देकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प रहे हैं। अब फिर से ऑनलाइन एप के माध्यम से ट्रेडिंग व आईपीओ खरीद में के नाम पर युवक से 14.65 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। साइबर ठग अब उससे 12.56 लाख रुपये और मांग रहे है।

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कुंडली के अपार्टमेंट में रहने वाले प्राणतोष ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि 9 जनवरी को वह एफआईआई अकाउंट नाम के ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग संस्थान से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि वह वेल स्टॉक नामक ऑनलाइन एप के माध्यम से प्री-मार्केट ट्रेडिंग और आईपीओ खरीदारी करते हैं। वह उन्हें रोज शेयर खरीदने की सलाह देने लगे। साथ ही वह अपने खाता नंबर पर रुपये जमा कराने की सलाह देते थे।

उन्होंने बातों में लेकर उनसे करीब एक माह में 14.65 लाख रुपये जमा करा लिये। उनके खाते में 69.54 लाख रुपये दिखाई देने लगे। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 फरवरी उन्हें मैसेज मिला कि खाते को चालू रखने के लिए इसमें जमा धनराशि कम है और उन्हें 50 लाख रुपये जमा करने को कहा गया। उन्होंने रुपये जमा कराने से मना कर दिया। फिर उन्होंने कहा कि वह अपने खाते से सभी रुपये निकाल सकते है या इसमें बड़ी राशि जमा होने तक इंतजार कर सकते है।
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पीड़ित का कहना कि उन्होंने रुपये निकालने को कहा। उन्होंने इसके लिए बहाना बना दिया। साथ ही कहा कि अमेरिका की कर प्रणाली के अनुसार व्यक्ति की 60,000 और 150,000 के बीच की वार्षिक आय 30 फीसदी व्यक्तिगत आयकर के अधीन है। ऐसे में कुल 41.87 लाख रुपये पर कर के रूप में 12.56 लाख आयकर के रूप में भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि उनके खाते में जमा राशि से टैक्स काटकर उनकी राशि वापस कर देना। उन्होंने इस तरह रुपये देने से मना कर दिय। तब उन्हें साइबर ठगी का पता लगा। उन्होंने पुलिस को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनसे 9 जनवरी से लेकर 19 फरवरी तक 15 बार में दिए गए खातों में रुपये जमा कराए हैं।

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