सोनीपत। कुंडली धरना स्थल पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने आए पंजाब के युवा किसान की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और वह चार दिन पहले ही धरने पर आया था।
पंजाब के जिला पटियाला के गांव खेड़ी जट्टा के रहने वाले नवजोत सिंह (19) 22 फरवरी को कुंडली धरना स्थल पर आए थे। वह वीरवार रात को खाना खाकर ट्रॉली में बने अपने टेंट में सो रहे थे। वह सुबह सोकर नहीं उठे तो साथियों ने उठाने का प्रयास किया। वह बेसुध मिले। जिस पर चिकित्सक को बुलाकर जांच कराई तो उसे मृत घोषित कर दिया। धरना स्थल पर मौजूद खेड़ी जट्टा गांव सरपंच बलकार सिंह व अन्य शव को लेकर सामान्य अस्पताल में पहुंचे। जहां शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत का अंदेशा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुंडली धरला स्थल पर अब तक 23 किसानों की मौत हो चुकी है।
इकलौता बेटा था नवजोत, परिवार तीन एकड़ पर खेती कर करता है गुजर-बसर
सरपंच बलकार सिंह ने बताया कि नवजोत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। नवजोत सिंह के पिता जसविंद्र सिंह तीन एकड़ जमीन पर खेतीबाड़ी कर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। सरपंच बलकार सिंह ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द तीन कानूनों को रद्द कर दें। जिससे यहां आंदोलनरत किसान अपने घरों को लौट सके। उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर किसान लगातार अपनी शहादत दे रहे हैं।
वर्जन
कुंडली धरना स्थल पर युवा किसान की मौत हो गई। हार्ट अटैक से मौत की सूचना मिली थी। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के असल कारणों का खुलासा हो सकेगा।
प्रदीप सिंह, जांच अधिकारी, थाना कुंडली।