केएमपी एक्सप्रेस वे की जमीन का मंगलवार को निरीक्षण करने आए मैनेजर के साथ गांव बढ़खालसा के ग्रामीणों ने हाथापाई की। जमीन अधिग्रहण को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। भड़के ग्रामीणों की इस कार्रवाई से अधिकारी घबरा गये और उलटे पांव वापस लौट गये। ग्रामीणों की इस कार्रवाई को विभाग ने गलतफहमी का नाम दिया है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर को कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर भगवान सिंह राणा एचएसआईडीसी गुड़गांव से गांव बढ़खालसा में पहुंचे थे। उनके साथ पटवारी एवं अन्य कर्मचारीगण भी थे। अभी वे जमीन का मुआयना कर ही रहे थे कि इसी बात की भनक ग्रामीणों को लग गई। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अधिकारियों का घेराव कर दिया। महिलाओं और पुरुषों ने मैनेजर को कहा कि वे किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों ने मैनेजर को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसी दौरान अधिकारी के विरोध करने पर महिलाओं ने मैनेजर के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी दौरान पुरुषों ने मैनेजर के साथ हाथापाई की। मौके की नजाकत को देखते हुए मैनेजर और अन्य कर्मचारीगण वहां से खिसक लिये।
नहीं होने देंगे अधिग्रहण
गांव बढ़खालसा के ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। इसी जमीन के सहारे वे अपना जीवन-यापन कर रहे हैं और इसी जमीन को सरकार छीनना चाहती है। किसान रामचंद्र, विनोद, राजपाल, रणजीत, सुखबीर ने कहा कि वह किसी भी सूरत में अपनी जमीन का किसी प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण नहीं होने देंगे।