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Sonipat News: केएमपी एक्सप्रेस-वे को मिलेगी नई रफ्तार, 70 करोड़ से होगा मरम्मत कार्य

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फाेटो : सोनीपत के कुंडली के पास केएमपी एक्सप्रेस वे की पुलिया पर बने गड्ढे पर किया गया पेचवर्क
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प्रदीप कौशिक
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सोनीपत। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को जल्द नई रफ्तार मिलने जा रही है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने कुंडली से मानेसर तक करीब 81 किलोमीटर लंबे हिस्से की विशेष मरम्मत के लिए 70 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसमें सड़क की उखड़ी परतों, गहरे गड्ढों, कटाव वाले हिस्सों और क्षतिग्रस्त लेनों को दुरुस्त किया जाएगा। इससे सफर अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
कुंडली से लेकर पलवल तक केएमपी एक्सप्रेस वे है। यह झज्जर, गुरुग्राम व नूंह से होकर गुजरता है। वैसे तो पूरा एक्सप्रेसवे ही लगभग क्षतिग्रस्त है जगह-जगह गड्ढे होने की वजह से अक्सर हादसे होते रहते हैं। अवैध कटों एवं रेलिंग टूटने की वजह से भी हादसे हो रहे हैं। एचएसआईआईडीसी के अनुसार जब से केएमपी एक्सप्रेस वे की शुरुआत हुई है, उस समय से मरम्मत नहीं हुई है। इसका खामियाजा एक्सप्रेस वे से गुजर रहे वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
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ट्रैफिक का दबाव होगा कम
एक्सप्रेस-वे कई जगह घंस गया है। तारकोल से बनी सड़क में परतें उखड़ चुकी हैं। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जहां हादसों पर लगाम लगेगी वहीं, ट्रैफिक का दबाव कम होगा। गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को काफी दिक्कतें होती है। रात के अंधेरे में कई बार गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं जिससे वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। इसके चलते यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होती है।
मरम्मत होने पर रफ्तार में चल सकेंगे वाहन

केएमपी एक्सप्रेस वे पर वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। हालात यह है कि कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की स्पीड 70 से भी ऊपर नहीं पहुंच पाती है। स्पीड बढ़ाते ही तुरंत सामने गड्ढे आ जाते हैं। इससे हादसे होते हैं। मानेसर, सोहना, बहादुरगढ़, राई व कुंडली के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला यह मार्ग दिन-रात ट्रकों से भरा रहता है। सड़क की खराब सतह, किनारों पर अपर्याप्त संकेतक और रात में सीमित रोशनी हादसों को न्योता दे रहे हैं। कई स्थानों पर अचानक ब्रेक लगने या वाहन उछलने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। मरम्मत कार्य शुरू होने से वाहन चालकों को काफी राहत मिल सकेगी।

पीली पट्टियां भी बनाई जाएंगी

मरम्मत के बाद वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी, ऐसे में हादसों की आशंका भी बढ़ेगी। लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को कई बार झपकी आ जाती है। इससे भी हादसा हाे जाता है। इसे ध्यान में रखकर जगह-जगह पीली पट्टियां भी बनाई जाएंगी ताकि वाहन चालक सतर्क हो जाएं। जहां पर हल्का मोड़ है, वहां से कुछ मीटर पहले सड़क पर साइनेज के साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
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वर्जन
जब से एक्सप्रेस वे का निर्माण हुआ है, तब से मरम्मत नहीं हो पाई है। कुंडली से मानेसर के बीच 81 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे पर विशेष मरम्मत के लिए 70 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। टेंडर का आवंटन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रवीन कुमार, उपमंडल अभियंता, एचएसआईआईडीसी

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