पता चलने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने आउटर रिंग रोड पर जाने वाले भाकियू क्रांतिकारी सुरजीत फूल गुट के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल व आजाद किसान कमेटी के हरपाल सिंह सांगा को निलंबित कर कमेटी से जांच शुरू कराई थी।
इस तरह से रूट बदलने वालों पर कार्रवाई शुरू हुई तो पता चला कि अखिल भारतीय किसान सभा सीपीएम के नेता मेजर सिंह पुन्नावाल व अखिल भारतीय किसान सभा सीपीआई के बलदेव सिंह निहालगढ़ भी तय रूट की जगह आउटर रिंग रोड पर गए थे और उनके साथ काफी किसान थे।
दोनों नेताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा को पत्र लिखकर खुद यह स्वीकार किया है और वह दूसरे रूट पर चले गए थे। उनको दिल्ली की ज्यादा जानकारी नहीं थी और इस कारण ही उनसे गलती हुई है। इस तरह से ट्रैक्टर परेड के दौरान रूट बदलने वाले संगठनों के नेता ही लगातार सामने आ रहे है।
मोर्चा से निलंबित संगठनों पर आज हो सकता है फैसला
ट्रैक्टर परेड के दौरान रूट बदलने वाले भाकियू क्रांतिकारी सुरजीत फूल गुट के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल व आजाद किसान कमेटी के हरपाल सिंह सांगा के खिलाफ कमेटी जांच कर रही है। उस जांच कमेटी ने दो दिन पहले ही पंजाब के संगठनों की बैठक में रिपोर्ट देने के लिए कुछ समय मांगा था।
अब यह बताया जा रहा है कि कमेटी अपनी जांच पूरी कर चुकी है और संयुक्त किसान मोर्चा की बुधवार को बैठक होगी, जिसमें वह अपनी रिपोर्ट रख सकती है। उस रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि उन दोनों संगठनों को किसान मोर्चा में शामिल किया जाए या उनको मोर्चा से बाहर कर दिया जाए।
संयुक्त किसान मोर्चा ने दो संगठनों को निलंबित कर जांच शुरू कराई थी। जिसके बाद अन्य कई संगठनों ने ट्रैक्टर परेड में रूट बदलने की बात बताई। उनकी ओर से खुद ही पत्र दिया गया है और दिल्ली के रास्ते पता नहीं होने के कारण ऐसा होने पर गलती मानी है। वहीं पहले से निलंबित संगठनों को लेकर कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे फैसला होगा। दर्शनपाल, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा।