आरोप लगाया गया कि किसान आंदोलन में शामिल युवा रातभर नशा करके तेज आवाज में डीजे बजाते हुए गांवों में ट्रैक्टर दौड़ाते है। उनका विरोध करते है तो उसके साथ मारपीट की जाती है। इसके साथ ही उल्टा ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है। इस तरह से कानून व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ती जा रही है।
पंचायत में मांग करते हुए कहा गया कि जीटी रोड व संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द खाली कराया जाए, जिससे ग्रामीणों के अलावा उद्यमी, व्यापारी, मजदूर सभी को राहत मिल सके। पंचायत की अध्यक्षता आजाद सिंह वाल्मिकी ने की और उसमें वीरेंद्र बढखालसा, जाखौली सरपंच गौरव चौहान, दहिसरा सरपंच मांगेराम, सेरसा सरपंच मोनू, चरण सिंह चौहान, ताहर सिंह चौहान, प्रवीण चौहान मनौली, चांदमान, दीपक चौहान आदि मौजूद रहे।
31 जनवरी को सेरसा में होगी पंचायत
जिस तरह से जीटी रोड व गांवों के संपर्क मार्ग बंद है और लोगों को परेशानी हो रही है। उसको देखते हुए नेशनल हाईवे के किनारे के गांवों के लोगों की अगली पंचायत सेरसा गांव में 31 जनवरी को बुलाई गई है। जिसमें अटेरना, सेरसा, कुंडली, जांटी, दहिसरा, भैरा, मनौली, जखौली, मुरथल, बढखालसा, रसोई, प्रीतमपुरा, नांगल, राई, भैरा बांकीपुर, खुरमपुर, झुंडपुर, जैनपुर टिकौला, एचएसआईआईडीसी कुंडली, राई व मुरथल के उद्यमी भी शामिल होंगे।