फोटो :: सोनीपत के गांव किलोहड़द में बनकर तैयार हुआ आईआईआईटी का भवन। संवाद
सोनीपत। जिले के युवाओं के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा का लंबे समय से देखा जा रहा सपना अब साकार होने जा रहा है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की तरफ से 127 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) किलोहड़द में नए शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। अभी तक एसबीआईटी बसौदी परिसर से संचालित हो रही शैक्षणिक गतिविधियों को धीरे-धीरे नए परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
गांव किलोहड़द के पास 50 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे आईआईआईटी परिसर में प्रशासनिक एवं शिक्षण भवन, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, निदेशक आवास, गार्ड रूम तथा विद्युत आपूर्ति के लिए सब-स्टेशन भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। प्रथम चरण पर करीब 85.95 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। विभाग ने इन सभी के पूरा होने का लक्ष्य दिसंबर तक निर्धारित किया है। हालांकि शिक्षण भवन व छात्रावास लगभग तैयार हो गए है। अब अगस्त से शुरू होने जा रहे नए सत्र की कक्षा यहीं पर लगेंगी।
वर्ष 2013 में की थी परिकल्पना
सोनीपत में आईआईआईटी स्थापित करने की परिकल्पना वर्ष 2013 में की गई थी। तभी 20 जून को ग्राम पंचायत की 50 एकड़ भूमि 33 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई गई थी। बाद में विकास एवं पंचायत विभाग से मंजूरी मिलने के उपरांत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जनवरी 2017 में संस्थान के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। हालांकि कोरोना महामारी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और परियोजना निर्धारित समय से पीछे चली गई। अब निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ चुका है और प्रथम चरण का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है। परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक मूलभूत ढांचा लगभग तैयार है।
दूसरे चरण में बनेंगे ऑडिटोरियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
संस्थान के दूसरे चरण में छात्र-छात्राओं के लिए अतिरिक्त छात्रावास, आधुनिक ऑडिटोरियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार होगा। इससे परिसर पूर्ण रूप से एक आधुनिक तकनीकी शिक्षण केंद्र का स्वरूप ले सकेगा।
शिक्षा के साथ रोजगार और विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
आईआईआईटी का निर्माण केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगा। संस्थान के संचालन से शिक्षण, प्रशासन, सुरक्षा, रखरखाव और अन्य सेवाओं में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही सोनीपत और आसपास के युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। शिक्षा के क्षेत्र में पहले से स्थापित पहचान रखने वाला सोनीपत अब सूचना प्रौद्योगिकी और अनुसंधान आधारित शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।