सोनीपत। गांव किलोहड़द में करीब 1.27 अरब से बनने वाले भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) के पहले चरण का 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है। फिलहाल ग्रैप-4 के नियमों की पालना के चलते आईआईआईटी के निर्माण पर ब्रेक लग गया है। किलोहड़द में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की ओर से करीब 50 एकड़ जमीन पर आईआईआईटी का निर्माण करवाया जा रहा है। जून 2025 तक पहले चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
आईआईआईटी निर्माण की परियोजना पर कुल एक अरब 27 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। विभाग किलोहड़द में आईआईआईटी भवन निर्माण के पहले चरण में करीब 85 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च करेगा। प्रथम चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण के कार्य की शुरुआत होगी। किलोहड़द में वर्ष 2013 से आईआईआईटी बननी प्रस्तावित है। 20 जून 2013 को किलोहड़द में 50 एकड़ पंचायती जमीन 33 वर्ष के लिए लीज पर दी गई थी। पंचायत एवं विकास विभाग के महानिदेशक ने 19 सितंबर 2013 को इस पर मंजूरी दी थी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2 जनवरी 2017 को पत्र जारी कर आईआईआईटी बनाने के निर्देश दिए थे। वर्ष 2019 में कार्य में तेजी आई, लेकिन 2020 में कोरोना महामारी के चलते भी काम रूक गया था। इसके बाद प्रथम चरण का काम जनवरी 2025 तक पूरा करना था। अब इस अवधि को पांच माह आगे बढ़ा दिया गया है।
प्रशासनिक व शिक्षण भवन सहित कर्मियों के होंगे क्वार्टर
आईआईआईटी में प्रथम चरण के तहत प्रशासनिक व शिक्षण भवन के साथ दो हॉस्टल (लड़के-लड़कियों) भवन, निदेशक आवास का निर्माण करवाया जा रहा है। गार्ड रूम के साथ बिजली व्यवस्था के लिए सब स्टेशन का भवन भी बनाया जाएगा। सुरक्षा के मध्यनजर चहारदीवारी का निर्माण होगा। स्टाफ कर्मियों के क्वार्टर बनाने का कार्य भी इसी चरण में पूरा होगा। दूसरे चरण में दो अन्य हॉस्टलों का निर्माण करवाने के साथ ऑडिटोरियम व स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा।
क्षेत्र में रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
किलोहड़द में आईआईआईटी का निर्माण होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आईआईआईटी का निर्माण क्षेत्र के विकास में भी अहम होगा। तकनीकी शिक्षा के लिए सोनीपत सहित आसपास क्षेत्र के युवाओं को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
गांव किलोहड़द में आईआईआईटी के प्रथम चरण में 45 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। फिलहाल ग्रैप-4 लागू होने के चलते कार्य बीच में रोका गया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने जून 2025 तक प्रथम चरण का काम पूरा करने का समय निर्धारित किया है। इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू होगा।
- नायब चंद, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सीपीडब्ल्यूडी