खरखौदा। ठाकुर जी की रसोई के तत्वावधान में रविवार को भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा महारानी की प्रतिमाओं से अलंकृत दिव्य रथ जैसे ही जयनारायण धर्मशाला से रवाना हुए, पूरा शहर जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण-हरे राम के जयघोष से गूंज उठा। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भाग लिया और भगवान के रथ की रस्सियां खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली माना।
रंग-बिरंगे फूलों से सजे रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। रथ यात्रा जयनारायण धर्मशाला से दिल्ली चौक, थाना चौक, ब्राह्मण मोहल्ला, शंकर चौक, मेन बाजार सहित शहर की विभिन्न कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों से होकर निकली। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। जगह-जगह महिलाओं ने आरती उतारी, जबकि युवा और बच्चे भजन-कीर्तन की धुन पर झूमते नजर आए। धार्मिक उल्लास और भक्ति के माहौल ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, समाज में शांति और विश्व कल्याण की कामना की। संकीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भजनों से पूरा मार्ग भक्तिरस में सराबोर रहा। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शीतल पेय और अन्य सेवा शिविर भी लगाए गए, जहां स्वयंसेवकों ने श्रद्धाभाव से सेवाएं दीं।
रथ यात्रा का समापन पुनः जयनारायण धर्मशाला में हुआ। यहां भगवान की विशेष आरती के बाद महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश देने का भी माध्यम है। श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यात्रा को यादगार बना दिया और पूरे शहर में दिनभर भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
फोटो : सोनीपत के खरखौदा में भगवान जगन्नाथ यात्रा के दौरान रथ खींचते श्रद्धालु। संवाद