फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसी सूरत में नहीं बनने देंगे खालिस्तान : मनिंदर जीत सिंह बिट्टा

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। आतंकवाद विरोधी फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि किसान आंदोलन में भाग ले रहे कुछ लोगों ने तिरंगे का अपमान किया। इस पर आखिर आवाज क्यों नहीं उठाई गई। कुछ लोग कहते हैं कि गीता को भुलाना होगा, खालिस्तान बनाना होगा। खालिस्तान किसी सूरत में बनाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न कभी खालिस्तान बना, न कभी बनेगा, कभी बनेगा तो हमारी लाशों से गुजरना होगा।
विज्ञापन

वह रविवार को स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में पुलिस गैलरी का उद्घाटन करने पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यहां के जमींदारों से उनका सवाल है कि गीता को भुलाना होगा का मतलब क्यों नहीं समझे। इसका मतलब है कि हिंदू राष्ट्र को साइड में रखना होगा। सोनीपत के हर गांव से किसानों ने आंदोलन में लोगों की मदद की थी। इसके बावजूद वह लोग अब राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह किसान थे तो चुनाव नहीं लड़ते। क्योंकि क्रांतिकारी कभी चुनाव नहीं लड़ते। भगत सिंह व चंद्रशेखर भी चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने राष्ट्र को चुना।
बिट्टा ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर देश की रक्षा के लिए हुए युद्धों में सोनीपत के जवानों ने बलिदान दिया है। पंजाब में अब खालिस्तान के नारे नहीं लग रहे, लेकिन उन्हें अफसोस है कि वीरों की धरती सोनीपत में कुछ लोग आकर खालिस्तान के नारे लगाने में कामयाब रहे। खालिस्तानी आतंकियों के मंसूबों को सोनीपत के लोगों को पूरा होने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान पंजाब से आए किसानों का सोनीपत के किसानों व लोगों ने दिल खोलकर साथ दिया। परंतु यहां पर खालिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए गए, जिसके खिलाफ सोनीपत वासियों को आवाज उठानी चाहिए थी। बिट्टा ने पंजाबी कलाकार दीप सिद्धू की हादसे में मौत की घटना पर बोलते हुए आरोप लगाए कि उनके अंतिम संस्कार में आपत्तिजनक नारे लगाए गए।
विज्ञापन

स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में तैयार की गई गैलरी का उद्घाटन किया
स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रविवार को ब्यूटीफिकेशन सोसायटी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से तैयार की गई 4 गैलरियों का उद्घाटन किया गया। इस दौरान मनिंदर जीत सिंह बिट्टा ने पुलिस गैलरी का उद्घाटन किया। वेद विद्वान डॉ. एनडी शर्मा ने वैदिक गैलरी का उद्घाटन किया। पुरातत्व विद डॉ. डीवी शर्मा ने महाभारत गैलरी का उद्घाटन किया। वहीं आईजीएससीए की सरंक्षरण विभागाध्यक्ष अंचल पांड्या ने टेरापोटा गैलरी का उद्घाटन किया। सोसायटी के सदस्य सचिव राजेश खत्री ने बताया कि संग्रहालय में कुल 13 गैलरी तैयार होनी है। जिनमें से अब तक 6 गैलरी का कार्य पूर्ण हो चुका है और 7 अन्य गैलरी का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि लोगों ने संग्रहालय के लिए 100 वर्ष से लेकर 3000 हजार वर्ष पुरानी वस्तुएं निशुल्क उपलब्ध करवाई है जिनके कीमत 35 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है।
वैदिक गैलरी में डिजिटल तकनीक का किया इस्तेमाल
स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में वैदिक गैलरी में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। वहीं महाभारत गैलरी में जो पेंटिंग लगाई गई है, उसमें स्वर्ण महल, प्रवेश के 4 दरवाजे, महाभारत युद्ध से पहले निमित पांडव कालीन कुएं, श्रीकृष्ण, महाभारत युद्ध होने से पहले पांच गांव की दुर्योधन से मांग करते हुए दर्शाए गए हैं। इसी तरह टेरापोटा गैलरी में सजे हजारों वर्ष पुराने मिट्टी से निर्मित बर्तन आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं पुलिस गैलरी में पूर्व आईपीएस डॉ. सुमन मंजरी की वर्दी के अतिरिक्त खोदाई के दौरान निकली ब्रिटिश जमाने की पिस्तौल को भी सजाया गया है। इस दौरान पूर्व आईपीएस डॉ. सुमन मंजरी, प्रणव, कीर्ति पाल, बाबा सतपाल नाथ, रमेश पांची, नरेश चंद गुप्ता, शिवशंकर, शिक्षक नरेश आकाश, डॉ. सत्यव्रत त्रिपाठी, गंगा प्रसाद वर्मा, मुकेश राय, मामन सिंह, दुष्यंत, पवन बंसल, जसबीर खत्री भी उपस्थित रहे।ं
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें