राई। पुलिसकर्मी अब ग्राम व सहायक प्रहरी बनकर लोगों से संपर्क कर अपराध रोकेंगे। पुलिस कमिश्नर ने इसे लेकर ग्राम व सहायक प्रहरी बनाए गए पुलिसकर्मियों और सभी थाना प्रभारियों, एसीपी व डीसीपी की बैठक ली। उन्होंने ग्राम पहरी व सहायक प्रहरी को गांव की हर गतिविधि पर नजर रखने और अपराधियों के साथ ही गांव में अकेले रह रहे बुजुर्गों का डाटा रखने का निर्देश दिया है। जिससे गांव में अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही बुजुर्गों को किसी मदद की आवश्यकता होने पर उसे मदद दी जा सके।
मुरथल विवि में आयोजित बैठक में पुलिस कमिश्नर बी सतीश बालन ने कहा कि पुलिस ने कर्मियों को ग्राम व सहायक प्रहरी बनाया है। ग्राम व सहायक प्रहरी गांव की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। वह गांव के मौजिज लोगों से संपर्क करेंगे। गांव के असामाजिक तत्वों के बारे में पूर्ण जानकारी लेंगे। गांव के नशा करने वालों की पूरी जानकारी उनके पास रहेगी। गांव में पनपने वाली पारिवारिक रंजिश को लेकर उनके पास पूरी जानकारी रहेगी। साथ ही गांव में अगर कोई असामाजिक संगठन तैयार किया जा रहा है तो उसकी जानकारी भी ग्राम व सहायक प्रहरी रखेंगे। गांव में किसी तरह का अवैध नशा या अवैध खनन भी नहीं होने दिया जाएगा। इसके बारे में भी पूर्ण जानकारी हासिल की जाएगी। जिससे असामाजिक तत्वों पर समय आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस दौरान डीसीपी निकिता खट्टर व मयंक गुप्ता भी मौजूद रहे।
बुजुर्गों को आवश्यकता होते ही मदद देगी पुलिस
पुलिस कमिश्नर ने ग्राम व सहायक प्रहरी को कहा कि वह गांव में अकेले रह रहे बुजुर्गों की पूरी जानकारी रखें। उन्हें अपने संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए। अगर उन्हें किसी तरह की आवश्यकता हो तो वह आसानी से पुलिस से संपर्क कर सके। जिससे उन्हें तुरंत मदद उपलब्ध कराई जा सके।