कुंडली-गाजियाबाद-पलवल परियोजना के लिए काम करने आए ठेकेदार को आसपास के किसानों ने काम करने से रोक दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। गांव मनौली में किसानों को जैसे ही पता चला कि कंपनी के कारिंदे काम करने के लिए आए हैं तो आसपास के किसान एकत्र हो गए और ठेकेदार को चेतावनी दी यहां वह दोबारा न आएं। किसानों के तेवर देखकर ठेकेदार के कारिंदे भी लौट गए।
किसान ताहर सिंह ने बताया कि उनकी विकास के खिलाफ लड़ाई नहीं है वे सिर्फ किसानों के हित की बात करने बाद ही यह कार्य होने देंगे। वरना वह हर लड़ाई के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि बढ़खालसा के लेकर खुर्रमपुर तक केजीपी से कोई भी लिंक इन गांवों का नहीं है, ऐसे में जिस किसान का खेत दूसरी ओर पड़ेगा, वह अपने खेत में कैसे जा पाएगा। उनकी मांग है कि पहले सरकार को लिंक रास्ता बनाना चाहिए और किसानों को जमीन का उचित मुआवजा देना चाहिए। किसानों का आरोप है कि सरकार से उनकी मुलाकात 1 नवंबर 2015 को की थी और मांगें मानने के लिए तीन सप्ताह का समय लिया था। हालांकि आज तक उन लोगों ने किसानों की सुध नहीं ली। अगर इसी प्रकार की स्थिति रही तो वे किसी भी कीमत पर यह निर्माण नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कुछ भी करना पड़े।
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फोटो 26- केजीपी निर्माण के लिए जेसीबी को रोकते किसान