सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मलहोत्रा की अदालत ने ट्यूबवेल कनेक्शन देने के नाम पर लोगों से ठगी करने के मामले में सुनवाई के बाद बिजली निगम के जेई व ठेकेदार को दोषी करार दिया है। दोनों दोषियों को अदालत ने पांच-पांच साल कैद व जेई को पांच लाख और ठेकेदार को तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि तत्कालीन एसडीओ अजय कुहाड़ ने 13 जुलाई, 2015 को सदर थाना में शिकायत दी थी कि बिजली निगम के जेई जसबीर पूनिया व ठेकेदार राजेश ने खेतों में ट्यूबवेल कनेक्शन देने के नाम पर किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। आरोप था गांव भठगांव, सलीमसर माजरा, लुहारी टिब्बा, बड़वासनी, नकलोई, तिहाड़ कलां के लोगों ने शपथ पत्र देकर जेई जसबीर पूनिया व ठेकेदार राजेश पर नलकूप कनेक्शन देने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच में सामने आया था कि जेई व ठेकेदार ने नियमों के अनुसार काम नहीं किया था। कनेक्शन अवैध रूप से दिए थे। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे राजेश मलहोत्रा की अदालत ने जेई जसबीर व ठेकेदार राजेश को दोषी करार दिया है। दोषी जेई को अलग-अलग धाराओं में पांच साल की कैद व पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं दोषी राजेश ठेेकेदार को पांच साल की कैद व तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।