सोनीपत। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र मुरथल में जापान के एक प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। विदेशी एक्सोटिक मशरूम जैसे शिटाके, मिटाके, इनोकी आदि का दायरा देखने, मार्केट का अध्ययन करने के लिए अनुसंधान केंद्र का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने यहां की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र काफी बेहतर काम कर रहा है। जिससे युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
इससे पहले प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों का एमएचयू कुलसचिव व केंद्र निदेशक डॉ. अजय सिंह ने स्वागत किया। केंद्र निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र का अवलोकन कराया। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसंधान केंद्र में विशेष रूप से एक्सोटिक मशरूम में दुर्लभ गुण पाए जाते हैं। यह एंटीएजिम, ह्यूमन सिस्टम को मजबूत करने के अलावा कैंसर, शुगर, हार्ट के मरीजों के लिए फायदेमंद है। जापानी प्रतिनिधि मंडल मशरूम ग्रोवर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधि कर रहा था। उन्होंने केंद्र निदेशक को आश्वासन दिया कि जो तकनीक जापान में उपलब्ध है, उसको भारत सरकार व प्राइवेट मोड पर जल्द ही उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे। जिससे मशरूम की बढ़ती मांग को काफी हद तक पूरा किया जा सके।