भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व को लेकर भक्तों में उत्साह बना हुआ है। जन्माष्टमी पर्व इस बार रोहिणी नक्षत्र के बजाय कृतिका नक्षत्र में मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर्व मनाने को लेकर लोगों में बने संशय को दूर करते हुए चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शोनक ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा। जिसको लेकर मंदिरों में जोर शोर से तैयारियां की जा रही है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में भक्त भाद्रपद अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र के योग बनने पर जन्माष्टमी पर्व मनाते हैं। हालांकि जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भक्तों में संशय बना हुआ है। कुछ लोग 18 तो कुछ 19 अगस्त को जन्माष्टमी मना रहे हैं। पंडित शोनक ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व पर जिले के प्राचीन मंदिर ठाकुरद्वारा से शोभा यात्रा निकालने की प्रथा चली आ रही है। जिस दिन शोभा यात्रा निकाली जाती है उसी दिन जन्माष्टमी पर्व मनाया जाता है। इस बार शोभा यात्रा 19 अगस्त को निकाली जाएगी। उसी दिन जन्माष्टमी पर्व मनाया जएगा। नहीं बन रहा अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र का संयोग भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस वर्ष 18 व 19 अगस्त दोनों ही दिन अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं बन रहा है। 19 अगस्त को कृतिका नक्षत्र देर रात 01:53 बजे तक रहेगा। उसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। पंचांग गणना व विद्वानों के अनुसार इस बार जन्माष्टमी की अष्टमी तिथि 18 अगस्त को रात 9 बजकर 22 मिनट से आरंभ होगी जो 19 अगस्त को रात के 11 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। 19 अगस्त को रात 11.42 बजे चंद्रोदय होगा। ऐसे में इस वर्ष जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं बनेगा। जन्माष्टमी पर्व 19 अगस्त को ही मनाया जाएगा।
19 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने के पीछे कारण
पंडित अमित शोनक ने बताया कि 18 अगस्त के दिन अष्टमी तिथि सूर्योदय के समय नहीं रहेगी बल्कि रात में शुरू होगी। 19 अगस्त को अष्टमी तिथि दिन व रात दोनों में रहेगी। ऐसे में उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनाई जाएगी। पंडित शोनक ने बताया कि चिटाने वाली माता मंदिर में 19 अगस्त को शाम 7 बजे भजन संध्या होगी। रात 11 बजे भगवान श्रीकृष्ण का पूजन किया जाएगा। रात 12 बजे महाआरती व प्रसाद का वितरण होगा।
जन्माष्टमी पर बन रहे वृद्धि व ध्रुव योग
इस बार जन्माष्टमी पर वृद्धि व ध्रुव दो शुभ योग बन रहे हैं। मान्यता है कि वृद्धि योग में बाल गोपाल संग मां लक्ष्मी स्वरूपा राधा की पूजा करने से घर में समृद्धि आती है। जन्माष्टमी पर ध्रुव योग 18 अगस्त 08:42 बजे से 19 अगस्त की शाम 08:59 बजे तक रहेगी। जबकि वृद्धि योग 18 अगस्त को रात 08:42 तक रहेगा।
श्री वैष्णो माता व राधा-कृष्ण का झूला झांकी होगी आकर्षण का केंद्र
गीता भवन हनुमान मंदिर, मॉडल टाऊन में 19 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर्व को लेकर मंदिर में तैयारी की जा रही है। मंदिर में श्री वैष्णो माता, राधा-कृष्ण का झूला, गणेश भगवान, भगवान शिव की झांकी आकर्षण का केंद्र होंगी। इस मौके पर गोपाल लड्डू का झूला सुंदर तरीके से सजाया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान हेमंत मुखीजा, महासचिव राजेंद्र, उप प्रधान संजीव चोपड़ा (सन्नी) व प्रेस सचिव हरबंस लाल अरोड़ा की देखरेख में किया जाएगा।