जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में भड़की हिंसा व आगजनी का खौफ शहर के व्यापारियों व दुकानदारों के दिल से निकालने के लिए पुलिस व प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इसकी बानगी बुधवार शाम उस समय देखने को मिली, जब प्रशासन के बड़े अधिकारी से लेकर पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान सुभाष चौक से गीता भवन चौक तक कैंडल मार्च निकाल रहे थे। इसी दौरान किसी ने अफवाह फैला दी कि कच्चे क्वार्टर बाजार में आग लगाने के लिए उपद्रवी आ रहे हैं। आनन-फानन में व्यापारियों ने न केवल दुकानें बंद कर दी, बल्कि बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शहर के लोगों के दिलों से दहशत निकालने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। शांति कमेटी की दो मीटिंग के बाद बुधवार शाम शहर में कैंडल मार्च निकालने की योजना बनी। इसमें सामाजिक संस्थाओं, अर्धसैनिक बलों के साथ प्रशासन के आला अधिकारियों को शामिल किया गया है।
शाम करीब पौने सात बजे प्रशासनिक अमला व अर्धसैनिक बल व दूसरे संगठनों के पदाधिकारी सुभाष चौक पर एकत्रित हुए। साथ ही लोगों के दिल में सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए गीता भवन चौक तक मार्च निकाला गया।
साजिश कामयाब न होने देना: देवेंद्र सिंह
प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा पूरी दुनिया में अपने भाईचारे के लिए जाना जाता है। यहां का सामाजिक बंधन इतना मजबूत है कि कुछ असामाजिक तत्व इसे छू भी नहीं सकते। उनकी इस साजिश को कामयाब मत होने देना, भाईचारा बना कर रखना है। कैंडल मार्च में आईजी परमजीत अहलावत, उपायुक्त राजीव रतन, एसपी अभिषेक गर्ग, एसडीएम निशांत यादव भी शामिल रहे।
अफवाहों पर ध्यान न दें : डीसी
डीसी राजीव रत्न ने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं हैं। पुलिस फोर्स तैनात है। प्रशासन सक्रिय है। किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।