गोहाना। सिंचाई विभाग की तरफ से किसानों की सुविधा के लिए नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन टेल तक पानी पहुंचने से पहले ही किसान पाइपों के माध्यम से पानी की चोरी कर रहे हैं। ऐसे में जरूरतमंद किसानों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग ने चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हैं। जिससे वह पानी चोरी करने वाले किसानों पर नजर रखे और इसकी जानकारी विभाग को दें।
धान व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए किसानों की मांग पर सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़ दिया है। लेकिन पानी की हाे रही चोरी के कारण नहरों के अंतिम छोर तक पानी की पूरी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके कारण ग्रामीणों और पशुओं को पीने के पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। सिंचाई विभाग की टीम पानी चोरी नहीं करने को लेकर किसानों को जागरूक कर रही है और पानी चोरी के मामलों को रोकने के लिए जुर्माना लगाती है। सरकार ने ऐसे मामलों के निपटारे के लिए सिंचाई थाने भी खोले हैं, लेकिन मामला किसानों से जुड़ा होने के कारण सरकार अधिक सख्ती भी नहीं करती है। वहीं दिन के समय विभाग की अलग टीमें होती हैं और रात के समय अलग टीमें हैं। फिर भी किसान पानी चोरी कर रहे हैं।
वर्जन
किसानों की मांग पर नहरों में पानी छोड़ा गया है, लेकिन किसान पानी की चोरी कर रहे हैं। किसानों पर निगरानी रखने के लिए टीमों का गठन किया है। यह टीमें दिन-रात किसानों पर नजर रख रही हैं।
- पुनीत साहनी, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, गोहाना