सोनीपत। नागरिक अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों के ठहरने की व्यवस्था तक नहीं है। तापमान लगातार गिर रहा है। 5.6 डिग्री तापमान के बीच अस्पताल परिसर में नगर निगम की ओर से स्थापित रैन बसेरे पर ताला लटका हुआ है। इसके चलते तीमारदार रात के समय फर्श व बेंचों पर कपड़े बिछाकर सोने को मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन तीमारदारों को सुविधा देने में नाकाम दिखाई दे रहा है।
200 बिस्तर के जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा देने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और बयां कर रही है। वीरवार रात 10 बजे अमर उजाला टीम जिला नागरिक अस्पताल में पहुंची। सर्द रात में मरीजों व गर्भवती को लेकर आने वाले परिजनों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं थी। भूतल पर बने प्रसूति कक्ष के बाहर बरामदे में फर्श व बेंचों पर तीमारदार कपड़ा बिछाकर सो रहे थे। प्रसूति कक्ष के बाहर नगर निगम ने रैन बसेरे की व्यवस्था कर रखी है। नगर निगम की ओर से रैन बसेरे खोलने का दावा किया जा रहा है, लेकिन रैन बसेरे पर ताला लटका था।
अस्पताल में भर्ती गर्भवती व मरीजों को कंबल मुहैया कराए जा रहे हैं। तीमारदार अपने लिए घर से रजाई व कंबल की व्यवस्था कर रहे हैं। नियमानुसार सर्दी में हीटर लगाने की अनुमति है, लेकिन अभी हीटर नहीं लगाए गए हैं। मरीजों को भूतल से पहली व दूसरी मंजिल तक आवागमन के लिए लिफ्ट की व्यवस्था है। ओपीडी टाइम में लिफ्ट को चलाया जाता है, लेकिन उसके बाद रातभर बंद रखा जाता है। इससे मरीजों को मजबूरी में सीढ़ी का प्रयोग करना पड़ रहा है।
गर्म पानी के लिए भटकते हैं तीमारदार
जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा जच्चा-बच्चा मरीज भर्ती हो रहे हैं। सर्दी में गर्म पानी का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। उसके बाद भी मरीजों के लिए गर्म पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। तीमारदार घर से गर्म पानी कराकर लाते हैं।
उपायुक्त ने फरवरी में दिए थे नाइट शेल्टर के निर्देश
उपायुक्त ने जिला अस्पताल में 26 फरवरी को निरीक्षण कर मरीजों के तीमारदारों को रात के समय रुकने के लिए नाइट शेल्टर (रैन बसेरा) बनाने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन निगमायुक्त को दिए निर्देश के बाद कर्मियों ने अस्पताल में पहुंचकर नाइट शेल्टर के लिए जगह का चयन किया था। अस्पताल के पीछे नाइट शेल्टर की व्यवस्था की थी। अब उस रैन बसेरे पर ताला लटका हुआ है।
पुत्रवधू की डिलिवरी होनी है। पुत्रवधू प्रसूति वार्ड में है, जबकि हमारे रुकने के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को घर में कंबल लेकर आने पड़ रहे हैं।
- शांति निवासी जीवन नगर
तीमारदारों को रात के समय बेंचों व जमीन पर कपड़े बिछाकर सोने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में रखे नाइट शेल्टर पर ताला लटका हुआ है। उस पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
- साहिल निवासी गन्नौर
अस्पताल में रात के समय लिफ्ट बंद रहती है। मरीजों को वार्डों में लाने व ले जाने के लिए सीढ़ीयों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे परेशानी होती है।
- संदीप निवासी खेवड़ा
ओपीडी के दौरान लिफ्ट संचालन की जिम्मेदारी है। ओपीडी समय में लिफ्ट चलाने के बाद बंद कर दी जाती है। तीमारदारों की ठहरने की व्यवस्था करना सरकार व निगम प्रशासन का काम है। अस्पताल में मरीजों को कंबल मुहैया कराए जा रहे हैं। अस्पताल में हीटरों की व्यवस्था है, लेकिन सभी वार्डों में खिड़कियां व पर्दे ठीक होने की वजह से कमरों में हीटर की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही। स्टाफ को निर्देश है कि आवश्यकता होते ही हीटर चलाए जा सकते हैं।
- डॉ. जयंत आहुजा, सिविल सर्जन, सोनीपत
नागरिक अस्पताल में रैन बसेरे की व्यवस्था कर रखी है। वहां पर केयर टेकर की ड्यूटी लगा रखी है। वीरवार रात को रैन बसेरे पर ताला लटके होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में संबंधित सफाई निरीक्षक से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी।
- हरदीप सिंह, उप निगम आयुक्त, नगर निगम