सोनीपत। जेएन-1 वेरिएंट के अलर्ट के बाद कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी है। अस्पताल में रोजाना काफी संख्या में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। विभाग को मुख्यालय से पांच फीसदी मरीजों के नमूने लेने के निर्देश मिले हैं, उसके बावजूद स्थानीय विभाग की ओर से नाममात्र की सैंपलिंग की जा रही है। नए वेरिएंट से निपटने के लिए कोविड-19 की नोडल अधिकारी ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए है।
देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना के जेएन-1 वेरिएंट के मामले मिल रहे हैं। राहत की बात यह है कि सोनीपत जिला अभी कोरोना मुक्त है। सर्दी में बढ़ी ठंड के चलते अस्पतालों में रोजाना काफी संख्या में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज पहुंच रहे है। इंफ्लूएंजा अक्सर ठंड लगने के साथ शुरू होता है, इसके बाद बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी, बहती नाक और बीमार महसूस होता है। ऐसे मरीजों की पहचान करते विभाग की ओर से रोजाना सैंपल लिए जा रहे हैं। जिलेभर में रोजाना 18 से 20 मरीजों के ही नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों को जांच के लिए खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नमूनों को भेजा जा रहा है।
अस्पताल में आ रहे खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों को कोरोना से बचाव के लिए सलाह दी जा रही है। साथ ही कोविड-19 की नोडल अधिकारी ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड व अन्य व्यवस्थाओं को तैयार करने के लिए निर्देश दिए है। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध संक्रमित को आइसाेलेशन वार्ड में रखा जा सके। साथ ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उनके लिए इस वायरस के संक्रमण से मुश्किल बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को इस मौसम में खांसी, जुकाम व बुखार से बचाव के लिए अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है।
वर्जन
जेएन 1 वेरिएंट से निपटने के लिए विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद रोजाना 5 फीसदी नमूने लिए जा रहे हैं। सैंपलिंग की संख्या जल्द बढ़ाई जाएगी। साथ ही सभी सरकारी व निजी अस्पताल संचालकों को आइसोलेशन वार्ड तैयार करने को पत्र लिखा गया था।
-डॉ. स्वराज चाैधरी, उप सिविल सर्जन