फोटो : चंडीगढ़ में एचवीपीएनल के प्रबंध निदेशक के साथ बड़ी इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन क
गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को पर्याप्त बिजली न मिलने से फैक्टरी संचालन में परेशानी उठानी पड़ रही है। वर्तमान में संचालित उद्योग अपनी जरूरत के अनुसार बिजली भार नहीं बढ़ा पा रहे हैं और नए उद्योग चलाने के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहे।
बिजली क्षमता की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है जिससे उद्योगपतियों को नुकसान होने के साथ ही रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। बड़ी इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक को पत्र सौंप कर बड़ी स्थित 220 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त 16/20 एमवीए, 132/11 केवी पावर ट्रांसफार्मर जल्द स्थापित कराने की मांग की है।
एसोसिएशन अध्यक्ष अमित गोयल ने बताया कि यह परियोजना तीन वर्ष से टेंडर प्रक्रिया में ही अटकी हुई है। फरवरी में एचवीपीएनएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर के मार्च 2027 तक चालू होने की संभावना जताई, जिससे उद्योगपति निराश हैं।
कहा कि बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में करीब 1200 औद्योगिक प्लांट विकसित किए जा चुके हैं। लगभग 750 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं जबकि अनेक उद्योग भवन और मशीनरी तैयार होने के बावजूद पर्याप्त बिजली उपलब्ध न होने से उत्पादन शुरू नहीं हो पा रहा।
इससे उद्योगपतियों का करोड़ों रुपये का निवेश प्रभावित हो रहा है और नए निवेशक भी क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने से बच रहे हैं। एसोसिएशन ने ट्रांसफार्मर जल्द स्थापित करने के कार्य में कार्य में तेजी लाने और ट्रांसफार्मर चालू होने तक अस्थायी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। इस अवसर पर महासचिव विरेंद्र जैन, उपाध्यक्ष विनोद जैन भी मौजूद रहे।