एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है, वहीं बड़ी औद्योगिक एरिया के उद्योगपति मूलभूत सुविधाओं के लिए ही तरस रहे हैं। जहां सड़कें टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, वहीं बिजली किल्लत और फायरब्रिगेड की कमी से उद्योगपति दो-चार हो रहे हैं। गुरुवार को उद्योगपतियों की समस्याओं को जानने के लिए एसडीएम संगीता तेतरवाल एचएसआईडीसी बड़ी पहुंची और उद्योगपतियों से मुलाकात की। साथ में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
मीटिंग में उद्योगपतियों और इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसडीएम को बताया कि बड़ी में 800 के करीब औद्योगिक प्लांट हैं, जहां 400 के करीब चालू हालत में है। यहां पर कपड़े की छोटी-छोटी इकाइयां हैं। इसके बावजूद न तो उन्हें पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई दी जा रही है और न ही टूटी सड़कों को ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा जीटी रोड पर सर्विस रोड का निर्माण भी लटका है। इतना ही नहीं रात के समय स्ट्रीट लाइटों के नहीं जलने से दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने बताया कि एचएसआईडीसी प्रशासन के आला अधिकारियों से इस बारे में कई बार शिकायतें भी की है लेकिन, उनका आज तक उनका कोई समाधान नहीं हो रहा। ऐसे में फैक्ट्री संचालकों के साथ कर्मचारी भी तरह-तरह की परेशानियां झेलने को मजबूर हो रहे हैं।
फायर ब्रिगेड तक की व्यवस्था नहीं
उद्योगपतियों ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां होने के बावजूद यहां पर फायर ब्रिगेड तक की सुविधा नहीं है। अगर किसी फैक्टरी में आग लग जाती है तो सोनीपत और गन्नौर से जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी आएगी, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका होगा। इस पर एसडीएम ने जिला फायर अधिकारी सत्यवान नरवाल और सहायक फायर अधिकारी ईश्वर भारद्वाज को गाड़ी की व्यवस्था करने की हिदायत दी।
अस्पताल मंजूर, लेकिन बिल्डिंग नहीं बनी
उद्योगपतियों ने कहा कि एचएसआईडीसी बड़ी में ईएसआई अस्पताल मंजूर तो है, लेकिन यहां इसकी इमारत नहीं होने से मजदूरों को मुरथल की ओर रुख करना पड़ता है, ऐसे में उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस पर एसडीएम तेतरवाल ने उद्योगपतियों को आश्वासन दिया कि वे फरीदाबाद स्थित ईएसआई के मुख्य कार्यालय से संपर्क कर जल्द ही इसका भी समाधान कराएंगी।
ये बोले उद्योगपति
जीटी रोड से बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में अंदर जाने के लिए कोई कट नहीं बनाया गया है। ऐसे में व्यापारियों और कर्मचारियों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बड़ी-सनपेड़ा कट से होकर आना पड़ता है। वहां से सर्विस रोड का निर्माण न होने से गलत दिशा में चलना पड़ता है। जिससे समय की बर्बादी होने के साथ-साथ दुर्घटना का भय रहता है। कई लोगों के साथ तो हादसे हो भी चुके हैं। एसडीएम ने इस संबंध में एनएच-1 के आला अधिकारियों से बातचीत कर उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
-बड़ी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के उपप्रधान, अनिल भारद्वाज
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में लगी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इससे रात के समय वहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं होता। रात के समय सड़क दुर्घटना का डर तो बना ही रहता है साथ ही अंधेरे का फायदा उठाते हुए कई लुटेरे लूटपाट जैसी घटनाओं को भी अंजाम देने से पीछे नहीं हटते। एसडीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विद्युत निगम के अधिकारियों को जल्द ही लाइटें शुरू कराने के निर्देश दिए हैं, अब देखना यह है कि एसडीएम के निर्देशों का पालन कब तक होता है।
-एसोसिएशन के सदस्य अमित गोयल
एसडीएम के समक्ष इंडस्ट्रियल एरिया में टूटी सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई है। सड़के टूटी होने से आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। दुपहिया वाहन चालक कई बार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया में ईएसआई केंद्र खुलवाने की भी मांग की है जिस पर उन्होंने इस संबंध में आला अधिकारियों से बात कर जल्द ही ईएसआई के भवन का निर्माण करवाने की बात कही है।
-एसोसिएशन के सदस्य हिमांशु धीमान
समस्याओं के समाधान का करेंगे प्रयास : एसडीएम
एसडीएम संगीता तेतरवाल ने कहा कि बड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, फायर व्यवस्था, ईएसआई केंद्र को लेकर कुछ समस्याएं हैं। संबंधित विभागों को समस्याओं को निपटाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। कुछ समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित आला अधिकारियों से बातचीत कर उनका समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।