खेल रत्न से सम्मानित रवि दहिया टोक्यो ओलंपिक से अचानक सुर्खियों में आए थे। वह पहले भी संघर्ष का बड़ा उदाहरण रहे हैं। सोनीपत के गांव नाहरी के छोरे ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में टोक्यो में देश को रजत पदक दिलाया था। वहीं छारा के दीपक पूनिया भी वर्ष 2019 में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के पदकवीर रहे हैं। टोक्यो ओलंपिक में वह चौथे स्थान पर रहे थे। उनके साथ ही गौरव बालियान और संदीप सिंह भी कुश्ती के नए दांव सीखेंगे।
वहीं ग्रीको रोमन स्टाइल के पहलवान सुनील कुमार, साजन, रवि मलिक और आशु का चयन किया गया। इनमें सुनील कुमार, साजन व आशु सोनीपत के रहने वाले हैं। वहीं रवि मलिक झज्जर से हैं। इनके अभ्यास के लिए साथी पहलवानों के रूप में अरुण, अरुण कुमार, मोनू दहिया और हरदीप तथा प्रशिक्षक बलवंत सिंह छिक्कारा और एसबी प्रसाद का चयन हुआ है। बलवंत सिंह सोनीपत के रहने वाले हैं।
वापसी के बाद साई केंद्र में करेंगे प्रशिक्षक
बुल्गारिया से दाव सीखकर लौटने के बाद सभी पहलवान सोनीपत के चौहान जोशी स्थित साई सेंटर में अभ्यास करेंगे। यहां उन्हें 83 पहलवानों के लिए लगने वाले राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया जाएगा। भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा 7 फरवरी से 31 मार्च तक राष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
एशियाई चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों से पहले पहलवानों के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। आठ पहलवानों समेत 14 सदस्यीय दल को बुल्गारिया भेजा जा रहा है। पहलवानों को हर संभव मदद दी जा रही है। - बृजभूषण शरण, अध्यक्ष, भारतीय कुश्ती महासंघ