संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर (सोनीपत)। यमुना नदी में अवैध रास्ता बनाने के मामले में माइनिंग व इंफोर्समेंट विभाग की संयुक्त टीम की ओर से किए गए निरीक्षण में सामने आया कि पोकलेन मशीन और बड़े वाहन हरियाणा सीमा में नहीं खड़े थे। साथ ही, नदी के भीतर बनाया गया रास्ता भी उत्तरप्रदेश की सीमा में पाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार हरियाणा क्षेत्र में किसी प्रकार की सक्रिय माइनिंग गतिविधि नहीं मिली है। संबंधित गतिविधियां सीमा पार से संचालित की जा रही थीं। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार हरियाणा की सीमा में भी ऐसे चिह्न मिले हैं जिनसे भारी वाहनों के उपयोग की आशंका है।
एसडीएम प्रवेश कादियान ने बताया कि जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। उनसे आग्रह किया गया है कि अपने क्षेत्र में जांच कर यह सुनिश्चित करें कि कहीं अवैध खनन तो नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने यमुना क्षेत्र में संयुक्त अभियान को लगातार जारी रखने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार के मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।