संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रहे हादसों और अवैध कटों के कारण बढ़ रहे खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त ममता सिंह के निर्देश पर सोमवार को लघु सचिवालय में पुलिस और एनएचएआई अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इन अवैध कटों को बंद करने और सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। अमर उजाला की तरफ से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था।
पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) नरेंद्र कादयान की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने बनाए गए अवैध कट सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकते हैं।
इसको देखते हुए सभी कटों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि किसी ने बंद किए गए कटों को दोबारा खोला तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
एनएच-44 पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा चिंता का विषय
बैठक में कुंडली बॉर्डर से हल्दाना बॉर्डर तक बड़ी संख्या में लोगों की तरफ से मीडियन पर लगी लोहे की ग्रिल फांदकर सड़क पार करने के मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मीडियन में लगी ग्रिल की ऊंचाई बढ़ाई जाए। क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। संवेदनशील स्थानों पर फुट ओवरब्रिज निर्माण की संभावनाएं तलाश कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। साथ ही ग्रिल पर ग्रीस लगाने जैसे उपायों पर भी विचार किया गया ताकि लोग उन्हें पार करने से बचें।
ब्लैक स्पॉट और अवैध पार्किंग पर भी होगी सख्ती
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। बहालगढ़, मुरथल और गन्नौर फ्लाईओवर के नीचे हो रही अवैध पार्किंग को हटाने, सर्विस रोड पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा रोड मार्किंग, कैट-आई, स्प्रिंग पोस्ट, साइन बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा मरम्मत सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
दुर्घटना के बाद राहत में नहीं होनी चाहिए देरी
पुलिस उपायुक्त ने सभी टोल प्लाजा प्रबंधन को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में रूट पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और क्रेन की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे और घायलों को बिना देरी नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाए, ताकि गोल्डन ऑवर के दौरान उपचार मिल सके और अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें।
हाईवे पर बढ़ेगी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने और सभी कैमरों को लगातार कार्यशील रखने के निर्देश भी दिए गए। आवश्यकता पडऩे पर पुलिस को फुटेज तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सड़क पर मलबा, आवारा पशु या अन्य अवरोध मिलने पर उन्हें तुरंत हटाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया गया।
वर्जन
सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक दायित्व है। पुलिस और एनएचएआई के बेहतर समन्वय से राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। -नरेंद्र कादियान, पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक।