फोटो 08: सोनीपत में बस अड्डे के पीछे अधूरा पड़ा ड्रेन नंबर छह का निर्माण कार्य। संवाद
सोनीपत। शहर के बीच से गुजर रही ड्रेन नंबर छह के पार्ट-1 के हिस्से को पूरा करने के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली की टीम जांच करने शुक्रवार को आएगी।
नगर निगम ने चार स्थानों पर ड्रेन के हिस्सों को पुलों से जोड़ने के लिए ड्राइंग तैयार कराई है। ड्रेन के खुले हिस्से पर जाल डालने का प्रस्ताव बनाया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए करीब 9.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वर्ष 2025 में ड्रेन नंबर छह को पक्का करने के लिए कोई ईंट नहीं लग सकी। नववर्ष पर ड्रेन के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए काम शुरू होने की उम्मीद है। शहर के बीच कई जगह से ड्रेन खुली पड़ी है। प्रशासन की अनदेखी के कारण बड़ा हादसा होने का डर रहता है।
नगर निगम की ओर से देवडू रोड से शादीपुर तक कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) योजना के तहत ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए 92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 16 नवंबर 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इसका शिलान्यास किया था।
ड्रेन को पक्का करने का कार्य दो साल में पूरा करना था पर वर्ष 2024 में बारिश के सीजन से पहले 92 फीसदी काम पूरा हो सका। अब मुरथल रोड, बस अड्डे के पास, बहालगढ़ रोड व साई मंदिर रोड पर पुलों को ड्रेन से जोड़ने का काम बचा है।
यह कार्य पूरा करने के लिए वर्ष 2025 बीत गया पर कुछ नहीं किया गया। ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए राज्यस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की बैठक में 9.5 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं।